इंदौर में जल संकट गंभीर रूप ले रहा है. केंद्र सरकार की रिपोर्ट में साल 2016-17 में इंदौर के अट्ठावन इलाकों में दूषित पानी का उल्लेख है. जल जीवन मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 36.7 प्रतिशत पेयजल नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए. विशेषज्ञों ने तब पानी को पीने के लायक न मानते हुए इसे अनफिट घोषित किया था और राज्य सरकार को इसको लेकर चेतावनी भी दी गई थी. इंदौर के गुलजार कॉलोनी क्षेत्र में लोग गंदे पानी की समस्या से परेशान हैं. यहां नर्मदा का पानी पीला और प्रदूषित दिखाई दे रहा है, जो साफ पानी के गुणों से अलग है. इस तरह के पानी की सप्लाई से लोगों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं. साफ पानी न मिल पाने की वजह से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है और वे सांस लेने में भी परेशानी महसूस कर रहे हैं. इस समस्या को मिटाने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की आवश्यकता है.