मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सोशलिस्ट होने का दावा करने वाले अक्सर आधी आबादी की प्रगति और उनकी गरिमा के सम्मान की रक्षा के लिए संवेदनशील नहीं होते. शौचालय केवल एक सुविधा नहीं थे, बल्कि नारी गरिमा का प्रतीक थे. ये शौचालय गांव और मोहल्लों की स्वच्छता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा थे. शौचालयों ने न केवल साफ-सफाई बढ़ाई बल्कि सामाजिक सम्मान और जीवन के स्तर में सुधार किया.