चाड में पानी के कुएं को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई. जल संकट, सूखा और संसाधनों की कमी ने हालात बिगाड़ दिए, जिससे सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा.