अमेरिका खुद को एक सुप्रीम पावर बताता है और उसके साथ फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी भी शामिल हैं. हालांकि, अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि ये देश लड़ाई में सीधे भाग लेने के लिए तैयार हैं. ये देश अपने नौसैनिक ठिकानों और नागरिकों की रक्षा के लिए तैनात हैं. इस संदर्भ में, अमेरिका को लक्ष्य प्राप्त करने में अभी भी चार सप्ताह का समय लग सकता है. यह स्थिति स्पष्ट करती है कि जबकि अमेरिका और उसके साथी देशों की मौजूदगी है, युद्ध में उनकी भागीदारी सीमित या रक्षात्मक है.