नीतीश कुमार बिहार के पुराने कुशल नेता हैं जिन्होंने गाँवों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. उन्होंने अब दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. हालांकि इस बार मोदी और शाह की राजनीतिक चालों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है. इसके परिणामस्वरूप बिहार में फिर से एक धाराशाही की स्थिति बन गई है, जहां पार्टी नेतृत्व और सत्ता संचालन में अधिक नियंत्रण देखने को मिल रहा है.