इजरायल और अमेरिका अभी भी ऑपरेशंस को कॉल ऑफ नहीं कर रहे हैं. दोनों देश लगातार जारी रखे ऑपरेशंस के पीछे यही मकसद है कि जब नई लीडरशिप आएगी तो वे उन इलाकों को भी टारगेट करेंगे. वहीं, ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम, इंटेलिजेंस और सर्विलेंस काफी कमजोर हो चुकी है. अहमद वाहिदी नाम का कमांडर भी सामने आया है जो इस स्थिति में अहम भूमिका निभा सकता है. नई राजनीतिक परिस्थितियों में यह विषय और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है.