हाल ही में तुर्की के दुरुपिनार फॉर्मेशन (Durupınar Formation) पर ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) सर्वेक्षण से एक भूमिगत संरचना मिली है, जो बाइबिल में बताए नूह की कश्ती (Noah's Ark) से काफी मिलती-जुलती है. यह जगह माउंट अरारत से सिर्फ 29 किमी दक्षिण में है, जिसे सदियों से कश्ती के ठहरने की जगह माना जाता रहा है.
क्या-क्या मिला है?
GPR स्कैन से पता चला कि नीचे तेज कोण वाली दीवारें, एक 13 फीट चौड़ा केंद्रीय गलियारा (कॉरिडोर), और कई लेयर वाली आंतरिक संरचना है. यह बाइबिल (जेनिसिस) और कुरान में बताए गए तीन मंजिला जहाज से मैच करता है.
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साइट की लंबाई 515 फीट, चौड़ाई 86 फीट और ऊंचाई 52 फीट है- यह बाइबिल के आकार (300×50×30 क्यूबिट) से लगभग मिलता है. मिट्टी के सैंपल में पोटैशियम और ऑर्गेनिक मैटेरियल (सड़े हुए लकड़ी के निशान) ज्यादा मिले हैं. ऊपर घास का रंग असामान्य है, जो नीचे कुछ अलग होने का संकेत देता है.
पहले क्या माना जाता था?
दशकों से भूवैज्ञानिक इसे प्राकृतिक चट्टान या मिट्टी का ढेर मानते थे, जो ज्वालामुखी गतिविधि या भूकंप से बना. लेकिन नए डेटा में जियोमेट्री, आंतरिक खाली जगहें और कोण वाली संरचनाएं दिख रही हैं, जो प्राकृतिक नहीं लगतीं.
अभी क्या स्थिति है?
अभी तक कोई लकड़ी के टुकड़े या पुरातात्विक वस्तुएं नहीं मिली हैं. शोधकर्ता कहते हैं कि वे पूरी जहाज की बजाय उसके अवशेषों (केमिकल इंप्रिंट, सड़ी लकड़ी) की तलाश कर रहे हैं. टीम (Noah’s Ark Scans) और तुर्की-अमेरिकी वैज्ञानिक आगे ड्रिलिंग, ज्यादा सैंपल और टेस्टिंग करेंगे. 2025-2026 में और सर्वे हो सकते हैं.
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यह खबर 2025 में Popular Mechanics, CBN News, Jerusalem Post जैसी जगहों पर आई है. कई लोग इसे रोमांचक मान रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय में बहस जारी है- क्या यह वाकई नूह की कश्ती है या सिर्फ संयोग से बनी प्राकृतिक संरचना? यह बाइबिल की महाप्रलय की कहानी को नई उम्मीद दे रही है, लेकिन अंतिम सबूत के लिए और जांच जरूरी है.
आजतक साइंस डेस्क