सिर दर्द-फैटी लिवर या कर्ज और क्लेश... आज लौंग का ये उपाय दूर करेगा हर परेशानी

नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा विशेष महत्व रखती है, जो देवी सरस्वती का एक रूप हैं. इस दिन लौंग से जुड़े उपाय राहु ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। राहु के कारण सिरदर्द, माइग्रेन, लिवर रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं होती हैं.

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नवरात्रि की आठवीं देवी महागौरी हैं नवरात्रि की आठवीं देवी महागौरी हैं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:13 AM IST

नवरात्र का आठवां दिन आठवीं देवी महागौरी की पूजा का दिन होता है. देवी महागौरी का रूप-रंग गोरा है, वह सौम्य छवि वाली देवी हैं और सफेद वस्त्र पहनती हैं. इस तरह आठवीं देवी महागौरी पराशक्ति की महाविद्या सरस्वती का ही एक रूप बन जाती हैं. देवी सरस्वती ज्ञान, कला और बुद्धि की देवी हैं. इतना ही नहीं देवी राहु ग्रह को भी कंट्रोल करती हैं. अगर आपकी कुंडली में राहु की वजह से परेशानियां आ रही हैं तो नवरात्रि का आठवां दिन खासतौर पर आज की शाम आपके लिए खास लाभदायक है, इसके लिए एक बहुत आसान से उपाय करना है, जो लौंग से जुड़ा हुआ है. 

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तंत्र शास्त्र और ज्योतिष में लौंग को ऊर्जा का वाहक माना जाता है. इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है और देवी पूजा में इसका खास महत्व है. राहु के अनियंत्रित होने के कारण आप अक्सर मानसिक तनाव, भ्रम, असफलता झेलते हैं. ज्योतिष के अनुसार राहु शरीर में सिर पर खास प्रभाव डालता है, इसलिए राहु से पीड़ित लोग अक्सर सिरदर्द की समस्या से जूझते हैं. उन्हें माइग्रेन जैसी समस्या भी देखी जाती है. 

राहु किस तरह करता है बीमार?
वहीं, ज्योतिष मान्यता है कि राहु लिवर पर भी असर डालता है. इसलिए फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस और पीलिया जैसे रोग तब होते हैं, जब राहु बहुत बुरा असर आप पर डाल रहा हो. ज्योतिष ऐसा मानता है कि बीमारियों का संबंध ग्रहों की अवस्था और स्थिति से भी है, इसलिए राहु सिर और पेट की बीमारियों पर असर डालता है.  

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राहु ग्रहमंडल में आठवां ग्रह है, इसलिए नवरात्रि का आठवां दिन इस ग्रह से जुड़े उपायों के लिए सटीक बैठता है. नवरात्रि के आठवें दिन लौंग के कुछ विशेष उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं. ज्योतिष में लौंग का संबंध राहु और केतु दोनों से ही है. लौंग सिर और पूंछ दोनों की आकृति का फल है. इसका आकार राहु और केतु की संरचना से मेल खाता है.

इसकी तीखी गंध और औषधीय गुण नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखते हैं. राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है, जो अचानक जीवन में उथल-पुथल मचाते हैं. नवरात्रि के दौरान जब ब्रह्मांड में शक्ति तत्व प्रबल होता है, तब लौंग के माध्यम से किए गए उपाय इन ग्रहों के दुष्प्रभाव को शांत करने में अधिक प्रभावी होते हैं.

तो अब सवाल उठता है कि नवरात्र के दौरान लौंग का क्या उपाय किया जा सकता है. 

धागे में लौंग पिरोकर अर्पित करें
ये एक महा उपाय है. आप लौंग की माला बना लें. अपनी उम्र के बराबर लौंग लेकर उसे काले धागे में पिरोकर मां दुर्गा को अर्पित करने से राहु शांत होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

8 और 9 लौंग की माला
इसके अलावा अष्टमी के दिन आठ लौंग लें, उन्हें रक्षा सूत्र में थोड़ी-थोड़ी दूर पर गांठ लगाकर बांध दें. इस लौंग की बना माला को अगर संभव है तो माता को पहना दें या फिर उनके चरणों में चढ़ा दें. फिर जो भी कष्ट हो उसे मन ही मन बोलते हुए माता का ध्यान करते हुए मन में ही कह दीजिए. ये उपाय बहुत कारगर और सिद्ध है. देवी राहु पर नियंत्रण रखती हैं और इसका फल जरूर प्राप्त होता है. अष्टमी की शाम को ये उपाय किया जाता है. जिस वक्त शाम की आरती करें उस दौरान इस उपाय को जरूर करें. अगर .ये उपाय नवमी के दिन कर रहे हैं तो लौंग की संख्या नौ कर लें.

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शिवलिंग पर चढ़ाएं लौंग
अगर आपकी कुंडली में राहु या केतु की महादशा चल रही है, तो नवरात्रि के दौरान किसी भी दिन 2 साबुत लौंग लें. इन्हें अपने सिर से 7 बार वार कर (उल्टा घुमाकर) पास के शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें. भगवान शिव राहु-केतु के नियंत्रक माने जाते हैं, इसलिए यह उपाय ग्रहों की क्रूरता को कम करता है.

लौंग डालकर जलाएं दीपक
नवरात्रि की किसी शाम को एक मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल भरें और उसमें दो साबुत लौंग डाल दें. इस दीपक को घर के सबसे अंधेरे कोने में या मुख्य द्वार के बाहर जलाएं. यह घर से नकारात्मक शक्तियों को बाहर निकालने और राहु जनित भय को दूर करने में सहायक है.

माता लक्ष्मी को लौंग चढ़ाएं
धन लाभ और बरकत के लिए अगर मेहनत के बाद भी पैसा नहीं टिक रहा है, तो नवरात्रि में माता लक्ष्मी के सामने गुलाब के फूलों के साथ दो लौंग भी अर्पित करें. नवमी के दिन इन लौंगों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें. माना जाता है कि इससे राहु की वजह से होने वाले फिजूलखर्च पर रोक लगती है.

लौंग-कपूर की धूनी करें
राहु के कारण घर में हमेशा तनाव रहता है, तो कपूर के साथ 2 लौंग जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं. यह प्रक्रिया नौ दिनों तक रोज सुबह-शाम करें. अष्टमी और नवमी को तो जरूर करें. कपूर और लौंग का मेल वातावरण को शुद्ध करता है और वास्तु दोषों को मिटाता है.

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