Kalashtami 2021: आषाढ़ माह की कालाष्टमी आज, जानें पूजन विधि और इस दिन का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव के पांचवे आवतार हैं. इस दिन मां दुर्गा की पूजा का भी विधान है. भैरव जी की पूजा व भक्ति से भूत, पिशाच एवं काल भी दूर रहते हैं. सच्चे मन से भैरव की पूजा करने से रुके हुए कार्य अपने आप बनते चले जाते हैं. माना जाता है कि कालाष्टमी के दिन कालभैरव की पूजा करने से सभी तरह के ग्रह-नक्षत्र और क्रोर ग्रहों का प्रभाव खत्म हो जाता है.

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आज आषाढ़ माह की कालाष्टमी मनाई जा रही है आज आषाढ़ माह की कालाष्टमी मनाई जा रही है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST
  • आषाढ़ माह की कालाष्टमी आज
  • कालभैरव की करें पूजा
  • जानें इस दिन का महत्व

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार हर महीने कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जाता है. इस दिन कालभैरव की पूजा की जाती है. कालभैरव भगवान शिव के ही अवतार माने जाते हैं. कहा जाता है कि इस दिन जो भी भक्त कालभैरव की पूजा करता है वो नकारात्मक शक्तियों से दूर रहता है. आज आषाढ़ माह की कालाष्टमी है.  मान्यता है कि भगवान शिव उसी दिन भैरव के रूप में प्रकट हुए थे. इस दिन मां दुर्गा की पूजा का भी विधान है. 

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काल भैरव की पूजन विधि- मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन काल भैरव को प्रसन्न करके मनचाहा फल पाया जा सकता है. कालाष्टमी के दिन शिव जी के स्‍वरूप कालभैरव की पूजा करनी चाहिए. इस दिन सुबह जल्‍दी उठ कर स्नान करने के बाद व्रत का सकंल्प करना चाहिए. इसके बाद किसी मंदिर में जाकर भगवान शिव या भैरव के मंदिर में जाकर पूजा करें. इसके बाद शाम को शिव पार्वती और भैरव  की पूजा करनी चाहिए. भैरव को तांत्रिकों का देव कहा जाता है. यही वजह है कि उनकी पूजा रात को होती है.

काल भैरव मंत्र- ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:

कालाष्टमी का महत्व- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव के पांचवे आवतार हैं. इस दिन मां दुर्गा की पूजा का भी विधान है. भैरव जी की पूजा व भक्ति से भूत, पिशाच एवं काल भी दूर रहते हैं. सच्चे मन से भैरव की पूजा करने से रुके हुए कार्य अपने आप बनते चले जाते हैं. माना जाता है कि कालाष्टमी के दिन कालभैरव की पूजा करने से सभी तरह के ग्रह-नक्षत्र और क्रोर ग्रहों का प्रभाव खत्म हो जाता है. सबसे मुख्य कालाष्टमी को कालभैरव जयंती के नाम से जाना जाता है.

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