Vastu Tips: बढ़ती उम्र के कारण विवाह में देरी हो रही है. या फिर रिश्ते तो आ रहे हैं, लेकिन पसंद-नापसंद का झंझट हो रहा है. विवाह की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है. यदि आपके घर में भी किसी के साथ ऐसी समस्या है तो अपने घर की कुछ विशेष दिशाओं पर ध्यान दें. इन दिशाओं का वास्तु दोष घर में मंगल कार्य, विवाह, अच्छे रिश्ते मिलने में दिक्कत पैदा कर सकता है. वैसे आजकल के सिंगल फैमिली के दौर में विवाह से संबंधित दिक्कतें आम हो गई हैं.
पूर्व दिशा
यदि आपकी बच्चे के लिए विवाह के रिश्ते नहीं आ रहे हैं तो घर में पूर्व दिशा को देखें कि यहां कोई वास्तु दोष तो नहीं. पूर्व दिशा आपके जीवन में सही रिश्तों को जोड़ने की दिशा है. यहां पीला रंग, टॉयलेट और रसोई का होना जीवन से ऐसे रिश्तों को दूर कर सकता है जो आपके लिए बेहतर हैं. ऐसे में लोग रिश्तों के लिए प्रयास तो करते हैं, लेकिन अच्छे रिश्ते आसानी से नहीं मिलते हैं. अच्छे और मनचाहे रिश्तों तक संपर्क ही नहीं हो पाता है. ऐसा घर की पूर्व दिशा में वास्तु दोष के कारण भी हो सकता है. इस दिशा में हरा रंग का होना अच्छा है.
दक्षिण-पूर्व दिशा
आपने कई बार प्रयास किए, लेकिन घर में मंगल कार्य नहीं हो पाते हैं. जब भी सोचो कुछ न कुछ पेंच फंस जाता है. ऐसे में आपके घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में वास्तु दोष हो सकता है. ये विवाह ही नहीं, किसी भी प्रकार का मंगल कार्य होने में दिक्कत पैदा कर सकता है. दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी भी प्रकार से गड्ढा, टॉयलेट, नीला या काला रंग वास्तु दोष पैदा करता है. इस दिशा में वास्तु दोष आपको धन संबंधी समस्या भी देता है. पैसे के कारण मंगल कार्य और विवाह में बाधा आती है. इनकम का फ्लो बिगड़ सकता है.
दक्षिण-पश्चिम दिशा
यह विवाह के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिशा है. विवाह होने के लिए और विवाह टिका रहने के लिए भी दक्षिण-पश्चिम दिशा का वास्तु रहित होना जरूरी है. यह पितरों की दिशा है. इस दिशा का क्षेत्र कभी डाउन नहीं होना चाहिए. किसी भी प्रकार से अंडरग्राउंड वॉटर टैंक, जमीन में गड्ढा भी इस दिशा में वास्तु दोष पैदा करता है. यहां रसोई-टॉयलेट और हरा-नीला-काला रंग वास्तु दोष पैदा करता है.
इस दिशा का वास्तु दोष जीवन में स्थिरता नहीं रहने देता है. पृथ्वी तत्व की यह दिशा विवाह होने में आ रही दिक्कतों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. विवाह के बाद जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में समस्याएं रहती हैं, उन्हें भी अपने घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा के वास्तु दोष को अवश्य देखना चाहिए.
अंशु पारीक