Vastu Tips: तपती गर्मी, पसीने से तरबतर शरीर और उस पर रसोई की आग... ये किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. अक्सर हमें लगता है कि रसोई में होने वाली चिड़चिड़ाहट सिर्फ बढ़ते तापमान की वजह से है, लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो इसके पीछे की असली वजह ऊर्जा का असंतुलन हो सकती है.
जब रसोई का वास्तु बिगड़ता है, तो वह केवल गर्मी नहीं बढ़ाता, बल्कि घर की शांति को भस्म करने के साथ-साथ आपकी तिजोरी पर भी सीधा प्रहार करता है. आइए समझते हैं कि इस भीषण गर्मी में आप कौन सी गलतियां कर रहे हैं:
1. आग और पानी का साथ होना
सबसे बड़ी गलती जो हम अक्सर करते हैं, वह है गैस चूल्हे और पानी के सिंक को बिल्कुल पास रखना. आग और पानी एक-दूसरे के विरोधी तत्व हैं. गर्मी में जब सूरज की तपिश और चूल्हे की आग दोनों बढ़ती हैं, तो पास में रखा पानी ऊर्जा का भीषण टकराव पैदा करता है. इससे न केवल खाना बनाने वाले का मन अशांत होता है, बल्कि घर में अनावश्यक खर्चे बढ़ते हैं. पैसा पानी की तरह बहने लगता है और सेविंग नहीं हो पाती.
उपाय: इनके बीच कम से कम 2-3 फीट की दूरी रखें या बीच में एक छोटा सा लकड़ी का टुकड़ा या हरा पौधा रख दें.
2. गलत दिशा
वास्तु के अनुसार, रसोई का दक्षिण-पूर्व कोना (अग्नि कोण) चूल्हे के लिए सबसे शुभ है. चूल्हा उत्तर या उत्तर-पूर्व में ना रखें.
नुकसान: गर्मी में यह दोष आपके मानसिक सुकून पर हमला करता है. उत्तर दिशा कुबेर की मानी जाती है, वहां आग होने से आय के स्रोत (Income source) कम होने लगते हैं, व्यक्ति कर्ज के जाल में फंस सकता है.
उपाय: खाना बनाते समय चेहरा पूर्व की ओर रखें ताकि सूर्य की सकारात्मक किरणें आपको ऊर्जा दें.
3. वेंटिलेशन
रसोई की गर्म हवा और धुआं अगर बाहर निकलने का रास्ता न ढूंढ पाए, तो वह नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाता है. एक बंद और दमघोंटू किचन राहु के प्रभाव को बढ़ाता है.
नुकसान: जहाँ राहु का नकारात्मक प्रभाव होता है, वहाँ अचानक धन हानि (Sudden Loss) के योग बनते हैं. घर के मुखिया की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे बिजनेस या नौकरी में घाटा हो सकता है.
उपाय: एक शक्तिशाली एग्जॉस्ट फैन या चिमनी का इस्तेमाल करें जो घर की भारी ऊर्जा को बाहर फेंके.
4. अंधेरा और भारीपन
गर्मी में धूप से बचने के लिए किचन में अंधेरा रखना एक बड़ी गलती है. वास्तु के अनुसार, रोशनी का अभाव दरिद्रता को न्योता देता है.
नुकसान: चूल्हे के ऊपर भारी अलमारियां या बीम होना आर्थिक बोझ (Financial Burden) को बढ़ाता है. इससे परिवार पर कर्ज का दबाव बढ़ने लगता है.
उपाय: दीवारों पर हल्का पीला या क्रीम रंग करवाएं. ये रंग न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि बरकत के भी प्रतीक हैं.
5. चूल्हा गंदा रखना
रात को चूल्हा गंदा छोड़ देना सबसे बड़ा वास्तु दोष है.
नुकसान: गंदा चूल्हा और बिखरे हुए बर्तन घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. वास्तु शास्त्र में साफ-सुथरा चूल्हा अक्षय पात्र के समान माना गया है.
उपाय: सोने से पहले चूल्हे को गीले कपड़े से साफ करें. सुबह की शुरुआत एक साफ और ठंडे स्लैब से करने पर आपका मन भी प्रसन्न रहेग. इससे धन आगमन भी होगा.
रसोई के उत्तर-पूर्व कोने में मिट्टी के कलश में पानी भरकर रखें. यह न केवल अग्नि तत्व को शांत करेगा, बल्कि घर में धन की स्थिरता भी लाएगा.
रसोई में पुदीने या तुलसी का पौधा रखें. इसकी खुशबू नकारात्मकता को दूर कर घर के माहौल को खुशनुमा और समृद्ध बनाती है.
aajtak.in