हाथ में अनामिका अंगुली के नीचे का स्थान सूर्य पर्वत का होता है. इस स्थान से सूर्य की स्थिति देखी जाती है. इसी स्थान से राजकीय सेवा का ज्ञान होता है. व्यक्ति के जीवन में नाम यश कितना होगा, सूर्य पर्वत से ही पता चलता है. व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य भी इस पर्वत से पता चलता है. इस पर्वत का उठा होना हमेशा लाभकारी होता है. इससे व्यक्ति को जीवन में खूब मान सम्मान मिलता है.
अगर इस पर्वत पर एक सीधी रेखा हो तो व्यक्ति को राज्य से लाभ होता है. राजकीय सेवा के बेहतर योग बनते हैं. इस पर्वत पर दोहरी रेखा हो तो व्यक्ति विशेष उन्नति करता है. व्यक्ति जीवन में सर्वोच्च ऊंचाइयों पर पंहुचता है
इस पर्वत पर अलग-अलग चिन्हों का अर्थ क्या है?-
- इस पर्वत पर तिल हो तो व्यक्ति को अपयश मिल सकता है
- इस पर्वत पर वलय हो तो व्यक्ति को जीवन में संघर्ष करना पड़ता है
- साथ ही स्वास्थ्य की समस्याएं भी हो जाती हैं
- यहाँ पर क्रॉस का होना भी अच्छा नहीं होता
- यह आँखों और ह्रदय में समस्या पैदा करता है
- इस पर्वत पर त्रिभुज हो तो व्यक्ति की ख्याति बढ़ती है
- इससे व्यक्ति को अपार नाम और यश मिलता है
अगर हाथ में सूर्य का पर्वत खराब हो तो क्या उपाय करें?-
- प्रातःकाल अपनी दोनों हथेलियों को जरूर देखें
- अनामिका अंगुली से कंठ पर तिलक लगाएं
- अनामिका अंगुली में तांबे का छल्ला धारण करें
- नित्य प्रातः 108 बार गायत्री मंत्र का जप करें
- एक गार्नेट जरूर धारण करें
सुमित कुमार / aajtak.in