Surya Grahan 2023: सूर्य ग्रहण का वृष राशि वालों पर होगा बुरा प्रभाव, इन मामलों में रहें सावधान

Surya Grahan 2023: साल का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. वैज्ञानिकों की माने तो ये सूर्य ग्रहण बेहद खास रहने वाला है. आइए जानते हैं कि साल के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर कैसा पड़ेगा.

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सूर्य ग्रहण का वृषभ राशि पर प्रभाव सूर्य ग्रहण का वृषभ राशि पर प्रभाव

मुदित अग्रवाल

  • हरिद्वार,
  • 17 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

Surya Grahan 2023 Rashifal: 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस बार का सूर्य ग्रहण बेहद खास रहने वाला है. यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा इसलिए इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा. पंडित मनोज त्रिपाठी का कहना है कि 20 अप्रैल को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण मेष राशि और अश्वनी नक्षत्र में लगेगा. इस सूर्य ग्रहण का मूल प्रभाव कुछ राशियों पर नकारात्मक पड़ेगा और कुछ राशियों पर अच्छा पड़ेगा. जिससे उनके बरसों से अटके हुए कार्य पूरे हो जाएंगे. आइए जानते हैं कि वृषभ राशि वालों के लिए साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण कैसा रहने वाला है. 

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वृषभ के लिए सूर्य ग्रहण पर ग्रहों की चाल

मेष राशि में सूर्य ग्रहण लगने के कारण वृषभ राशि पर इस ग्रहण की द्वितीय भाव की दृष्टि पड़ रही है.  6 ,8, 12 के अलावा ज्योतिष में दूसरे भाव को भी मारक माना जाता है. द्वितीय भाव में होने के कारण वृषभ राशि वाले लोगों के लिए ये ग्रहण बेहद कष्टकारी या पीड़ादायक साबित होगा. वृषभ राशि के लोग स्वभाव से मृदुल और अच्छे होते हैं. सुंदर होते हैं. लोग उनके व्यक्तित्व के कारण आकर्षित होने लगते हैं. 

सेहत

सूर्य ग्रहण मेष राशि में पड़ने के कारण वृषभ राशि वालों को सूर्य से शारीरिक रोग पैदा होंगे. इस समय उन्हें चोट लग सकती है. उन्हें इस समय खून से संबंधित इंफेक्शन पैदा हो सकता है. पेट से संबंधित इंफेक्शन पैदा हो सकता है. किसी लोहे से संबंधित कोई चोट लग सकती है. कांच से चोट लग सकती है. सड़क पर चलते हुए चोट लगने का खतरा ज्यादा है. बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है. 

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ये चीजें करें दान
 
ज्योतिष शास्त्र में वृषभ राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं. इसलिए विशेष तौर पर उन्हें चंद्रमा की वस्तु और शुक्र की वस्तु दोनों मिलाकर दान करने की जरूरत है. चंद्रमा की वस्तु दान करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव अपने आप कम होना शुरू हो जाएगा. साथ ही शिवजी का पूजन करें. लक्ष्मी नारायण का पूजन करें. ग्रहण काल के मध्य में यात्राएं बिल्कुल ना करें. ग्रहण काल के मध्य में एक स्थान पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने से मंगल का दोष समाप्त होगा. लक्ष्मी सूक्त या नारायण सूक्त का पाठ करने से भगवान नारायण की कृपा से सूर्य का प्रभाव कम पड़ेगा. ग्रहण में सफेद रंग के वस्त्र धारण करके उसके मध्य में बैठकर इन सब चीजों का जाप करेंगे तो चर्म रोग आदि का असर कम हो जाएगा.

उपाय

ग्रहण का दुष्प्रभाव ना पड़े इसलिए शुक्र से संबंधित चीज इत्र अपने पास जरूर रखें. ग्रहण काल के बाद वह इत्र किसी भी व्यक्ति को दान कर दें. किसी ब्राह्मण को या ब्राह्मणी को दान देने से शुक्र की कृपा भी प्राप्त होगी. आपके ऊपर किसी भी प्रकार का ग्रहण दोष नहीं पड़ेगा. जिन लोगों को पेट से संबंधित दिक्कत हो, उन्हें सूर्य को जल देना और सूर्य की वस्तुएं दान करना भी लाभप्रद रहेगा. 

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इन लोगों को होगा नुकसान

जो लोग सिनेमा से जुड़े हुए हैं या अभिव्यक्ति के क्षेत्र से हैं, राजनीति में भी जुड़े हुए हैं, उन सब लोगों के लिए ये ग्रहण नुकसानदायक साबित हो सकता है. ऐसी स्त्री और पुरुष अभिनय के क्षेत्र में अथवा राजनीति के क्षेत्र में हैं, उनके पद पर संकट आ सकता है. उनके ऊपर झूठे आरोप लग सकते हैं. उन लोगों को विशेष तौर पर महामृत्युंजय का जाप करना चाहिए. जिनको स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी वह लोग ईश्वर की भक्ति ज्यादा करें. इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव लगभग 6 महीने तक रहेगा. सादगी से जीवन भरा जीवन अपनाएंगे तो सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव कम प्राप्त होगा.

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