पितृपक्ष के दौरान लोग पूर्ण रीति-रिवाजों के साथ अपने पितरों की आराधना करते हैं. हालांकि कई बार जाने-अंजाने में हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनसे हमें फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ जाता है. अक्सर आपने देखा होगा कि लोग स्वर्गवास होने के बाद अपने पूर्वजों की तस्वीरें घर में लगा देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इन तस्वीरों को कहां और कैसे लगाएं इसका भी बड़ी महत्व होता है. अनुचित स्थान पर लगाई गई तस्वीरें हमेशा नुकसान देती हैं.
1. मृत व्यक्तियों की तस्वीरें लोग कई बार भगवान या देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ लगा देते हैं. जबकि ऐसा करना बिल्कुल गलत है. इससे आपको फायदे की जगह नुकसान ही उठाना पड़ेगा. देवी या देवता पितरों से बढ़कर होते हैं और ऐसा करना देवदोष माना जाता है.
2. मृत लोगों की तस्वीरें ब्रह्म यानी घर के मध्य भाग में नहीं लगानी चाहिए. इससे आपका मान-सम्मान कम होगा. इसके अलावा पश्चिम या दक्षिण में लगाने से भी बचना चाहिए. इससे संपत्ति की हानि होती है.
3. पितरों की तस्वीर घर में सभी जगह नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से इंसान में तनाव की स्थिति बनी रहती है. इसके अलावा पितरों की तस्वीरों का लटकना या झूलना भी सही नहीं माना जाता.
4. मृत लोगों की तस्वीरें जीवित व्यक्तियों के साथ कभी नहीं लगानी चाहिए. इससे स्वभाव में नकारात्मकता का भाव फैलता है.
5. पूर्वजों की तस्वीरों को घर के बेडरूम या किचन में भी नहीं लगाना जाहिए. इससे पूर्वजों का अपमान होता है और घर में हमेशा अशांति छाई रहती है.