बाइबल के 'बुक ऑफ रिविलेशन' के सातवें अध्याय में दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की गई है. रिविलेशन में अध्याय को सील कहा गया है. इसके 5 से 8 अध्याय में जॉन ऑफ पोटेमस ने धरती पर होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी की थी. धार्मिक गुरू ग्रेग सेरेडा भी 'बुक ऑफ रिविलेशन' में लिखी बातों से इत्तेफाक रखते हैं. ग्रेग सेरेडा का कहना है कि इस किताब की सातवीं सील खुलने में थोड़ा ही वक्त बाकी है. इस सील के खुलते ही निश्चित ही दुनिया का सर्वनाश होगा.
करीब एक साल पहले सेरेडा ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया था. इसमें उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा था, 'बुक ऑफ रिविलेशन के अनुसार हम अभी छठी सील में जी रहे हैं. सातवीं सील खुलते ही धरती से मानव जाति का नाम मिट जाएगा.'
इस वीडियो में उन्होंने साल 2020 शुरू होने के कुछ महीनों बाद दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की थ्योरी को भी विस्तार से समझाया है.
सेरेडा का अनुसार, 'सातवीं सील में जीसस के आने का जिक्र किया गया है, जबकि पांचवीं सील में आदिम युग की बात की गई है. इसका मतलब जिस युग में हम जी रहे हैं 'बुक ऑफ रिविलेशन' के अनुसार वो छठी सील है.
बुक ऑफ रिविलेशन की छठी सील (6:12–6:13) में जोरदार भूकंप आने की भविष्यवाणी की गई है. ये ऐसा समय होगा जब सूरज का रंग काला पड़ने लगेगा और चांद खून की तरह लाल चमकेगा.
'इतना ही नहीं, आसमान के तारे में भी टूटकर जमीन पर आ गिरेंगे. इंसान खुद अपनी आंखों से दुनिया का अंत होते देखेगा.'
सूरज, चांद, सितारे और धरती के विनाश की ऐसी ही भविष्यवाणी का जिक्र 'गोसपेल्स' में भी किया गया है, जिसमें जीजस ने धरती के विनाश की बात कही थी.
मैथ्यू के अनुसार, (24:29) चैप्टर में जीजस ने कहा था, ' ग्रेट ट्रिबुलेशन के बाद सूरज का रंग काला पड़ जाएगा. चांद अपनी चमक खो बैठेगा और सितारे टूटकर जमीं पर आ गिरेंगे. ये सर्वनाश जन्नत की ताकत को भी हिलाकर रख देगा.'
सेरेडा ने पिछले 100 सालों में हुई बड़ी दुर्घटनाओं से 'बुक ऑफ रेविलिशन' की बातों को जोड़कर अपना मत रखा है. उनका कहना है कि इस किताब की एक-एक बात में सच्चाई है जो धीरे-धीरे सच होती जा रही हैं.
1 नवंबर 1755 को लिस्बन में आया खतरनाक भूकंप इसका सबसे बड़ा सबूत है. इस भूकंप ने 4 मील स्क्वायर में बसी जिंदगियों को तबाह कर दिया था. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.5-9.0 मापी गई थी.
इस भूकंप के 40 मिनट बाद ही भयानक सूनामी आई. 50 फीट ऊंची सूनामी का खौफ सदियों तक लोगों के दिल से नहीं निकल पाया.
इस ऐतिहासिक भूकंप और सूनामी के कारण करीब एक लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. प्रभावित इलाकों की सीमाओं पर बसे लोग भी खौफजदा होकर अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए थे.
रिविलेशन 6:12 के अनुसार, भूकंप के बाद सूरज काला पड़ जाएगा और चांद का रंग खून जैसा लाल हो जाएगा. सेरेडा ने इस भविष्यवाणी को भी ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़कर अपना पक्ष रखा है.
सेरेडा कहते हैं, 'लिस्बन में आए भूकंप के 25 साल बाद न्यू इंग्लैंड में सुबह करीब 8 बजे 'बुक ऑफ रिविलेशन' की भविष्यवाणी सच हुई थी. इस दौरान दिन के उजाले में ही सूरज का रंग काला पड़ गया था और चारों ओर घना अंधेरा छाने लगा था.'
इस घटना का अंत यहीं नहीं थमा था. रात के अंधेरे में चंद्रमा भी नजर नहीं आ रहा था और जब नजर आया तो उसका रंग लाल हो चुका था.
इसका एक और उदाहरण 13 नवंबर 1933 को नॉर्थ अमेरिका में देखने को मिला था. यह वो तारीख थी जब उत्तरी अमेरिका में आसमान चार घंटे के लिए आग जैसा नजर आने लगा था.
सेरेडा ने 2020 में लोगों को चेतावनी देते हुए यूट्यूब पर यह वीडियो शेयर किया था. उनका कहना है कि रेवेलिशन की छठी सील में लिखी सभी बातें सच होती जा रही हैं. सातवीं सील में जीजस के लौटने से पहले ये सब एक बार फिर हो सकता है.
सेरेडा के अनुसार, 'सातवीं सील खुलने से पहले जन्नत में करीब आधे घंटे के लिए सन्नाटा पसरा रहेगा. इस वक्त जीजस अपने एंजेल्स के साथ धरती पर उतर रहे होंगे.'