घर में जल का स्थान कहां होना चाहिए? इस बात को लेकर लोगों में कई तरह के भ्रम-भ्रांतियां हैं. भ्रम और भ्रांति की वजह है कि घर में जल को कहां और किस स्वरूप में स्थापित किया जा रहा है. वास्तु के अनुसार, भूमिगत जल को जल तत्व और छत या जमीन पर रखी पानी की टंकी को पृथ्वी तत्व से जोड़ा जाता है. इसलिए जल के इन दोनों स्वरूपों का स्थान भी अलग-अलग है. साधारण सी लगने वाली यह बात आपके जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है. इसलिए घर में जल के स्थान को ठीक रखना जरूरी है.
भूमिगत जल के लिए कौन सा स्थान श्रेष्ठ है?
भूमिगत जल यानी जमीन के अंदर बनी पानी की टंकी. या आपके घर में लगा हैंडपम्प या सबमर्सिबल. इन्हें जल तत्व माना जाता है. यदि आप घर में अंडर ग्राउंड वॉटर टैंक बनवा रहे हैं तो सबसे उपयुक्त स्थान उत्तर दिशा से लेकर पूर्व दिशा तक का है. यहां जल तत्व का होना उपयुक्त और लाभकारी माना जाता है.
हालांकि इस दिशा में ओवर हैड वॉटर टैंक आपके जीवन, नौकरी और कारोबार में अस्थिरता का कारण बन सकता है. जीवन में अवसरों का चले जाना, काम में मन न लगना, आलस जैसी दिक्कत आने लगती हैं. अक्सर लोग ओवर हैड वॉटर टैंक को भी जल तत्व समझकर इस दिशा में भूमि के ऊपर या छत पर पानी की टंकी रख देते हैं, जिससे जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं. इनकम का फ्लो बिगड़ने लगता है. आप ऐसी गलती बिल्कुल न करें.
किस दिशा में रखें पानी की टंकी?
यदि आप जमीन के ऊपर या छत पर पानी की टंकी रखना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे उपयुक्त साउथ-वेस्ट से लेकर नार्थ-वेस्ट की दिशा है. जो पृथ्वी व आकाश तत्व में आती है. लेकिन इस दिशा में टंकी के रंग का विशेष ध्यान रखें. इस दिशा में काली, नीली या हरे रंग की टंकी जीवन में समस्या का कारण बन सकती है. सबसे बेहतर है ऑफ व्हाइट या पीले रंग की टंकी. साउथ-वेस्ट दिशा में गलती से भी भूमिगत जल का स्थान नहीं होना चाहिए. वास्तु की यह गलती आपके जीवन बहुत बड़ी उथल पुथल ला सकती है.
इस दिशा में कभी न बनाएं जल का स्थान
अग्नि तत्व यानी साउथ-ईस्ट, साउथ-साउथ-ईस्ट और साउथ दिशा में गलती से भी जल का स्थान नहीं होना चाहिए. विशेषकर भूमिगत जल. अग्नि के स्थान पर जल तत्व के आने से न सिर्फ आपकी आमदनी प्रभावित होगी, बल्कि आपका स्वास्थ्य और आत्मविश्वास भी डगमगा जाएगा. नकारात्मक ऊर्जा आपको चारों ओर से घेरकर रखेगी.
अंशु पारीक