Surya Grahan: कब दिखेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? जानें कितनी देर तक रहेगा अंधेरा

Surya Grahan: सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण दुनिया भर में चर्चा में है. कुछ मिनटों के लिए दिन का उजाला अंधेर में तब्दील हो जाएगा .जानिए कितनी देर रहेगा अंधेरा, कहां दिखेगा यह दुर्लभ दृश्य और भारत में इसका असर कैसा रहेगा

Advertisement
Surya Grahan Surya Grahan

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

Surya Grahan: आसमान में होने वाली कुछ घटनाएं सिर्फ खगोलीय नहीं होतीं, वे इंसान को ठहरकर देखने पर मजबूर कर देती हैं. ऐसा ही एक अद्भुत नजारा आने वाले समय में दिखाई देने वाला है, जब दिन के उजाले के बीच अचानक अंधेरा छा जाएगा. यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि 21वीं सदी का सबसे लंबा और दुर्लभ सूर्य ग्रहण होगा, जिसे लेकर वैज्ञानिकों से लेकर आम लोगों तक में उत्साह बना हुआ है. 

Advertisement

2 अगस्त 2027: इतिहास रचने वाला दिन
2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण कई मायनों में खास होगा. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह इस सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. इस दौरान चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच ऐसी स्थिति बनेगी कि चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा. 

इस ग्रहण की सबसे बड़ी खासियत इसकी अवधि है, करीब 6 मिनट 20 से 23 सेकंड तक पूर्ण अंधकार छाया रहेगा. सामान्यतः पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 से 3 मिनट तक ही रहता है, लेकिन इस बार यह समय दोगुने से भी अधिक होगा. यही वजह है कि इसे सदी का सबसे लंबा ग्रहण कहा जा रहा है. 

किन-किन जगहों पर दिखेगा यह अद्भुत नजारा
यह ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में साफ दिखाई देगा, खासतौर पर दक्षिणी यूरोप (स्पेन, पुर्तगाल), उत्तरी अफ्रीका (मिस्र, लीबिया), मध्य पूर्व (सऊदी अरब, यूएई) में यह नजारा दिखेगा. 

Advertisement

इन क्षेत्रों में लोग कुछ मिनटों के लिए दिन में रात जैसा अनुभव करेंगे. आसमान में तारे भी नजर आ सकते हैं और तापमान में हल्की गिरावट महसूस हो सकती है. 

भारत की बात करें तो यहां यह ग्रहण पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देगा. इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखने को मिल सकता है, लेकिन वह अनुभव उतना प्रभावशाली नहीं होगा जितना पूर्ण ग्रहण वाले क्षेत्रों में होगा. 

2026 में भी दिखेगा शानदार नजारा
इससे पहले 12 अगस्त 2026 को भी एक लंबा सूर्य ग्रहण लगेगा. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया के अन्य हिस्सों में इसे देखने का मौका मिलेगा. 

आखिर क्यों लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक देता है.

पूर्ण सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. 


आंशिक सूर्य ग्रहण: जब सूर्य का केवल एक हिस्सा ढकता है. 

2027 का ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, इसलिए इसका प्रभाव ज्यादा रोमांचक और दुर्लभ होगा. 

ग्रहण देखते समय रखें सावधानी
सूर्य ग्रहण को सीधे नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है. इससे आंखों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए हमेशा सोलर फिल्टर या स्पेशल चश्मे का उपयोग करें.कैमरा या दूरबीन में भी प्रोटेक्टिव फिल्टर लगाएं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement