Surya Grahan 2026: कल इतने बजे पीक पर होगा सूर्य ग्रहण, आसमान में दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर'

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट की होगी. खगोलविदों की मानें तो सूर्य ग्रहण शाम 5 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच अपने पीक पर होगा.

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सूर्य ग्रहण शाम 05.13 बजे से शाम 06.11 बजे के बीच अपने पीक पर होगा. इसी एक घंटे की अवधि में सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा होगा. (Photo: ITG) सूर्य ग्रहण शाम 05.13 बजे से शाम 06.11 बजे के बीच अपने पीक पर होगा. इसी एक घंटे की अवधि में सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा होगा. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: 7 फरवरी को सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. शास्त्रों में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण घटना माना गया है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. यह कंकण सूर्य ग्रहण फाल्गुन अमावस्या के दिन पड़ रहा है. यानी इसमें सूर्य पूरी तरह से नहीं ढकेगा, बल्कि एक छ्ल्ले या रिंग की तरह दिखाई देगा. खगोलविदों में इसे 'रिंग ऑफ फायर' भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आगामी सूर्य ग्रहण का भारत में कैसा प्रभाव रहने वाला है.

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कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण? (Surya Grahan 2026 Date And Time)
भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट की होगी. खगोलविदों की मानें तो सूर्य ग्रहण शाम 5 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच अपने पीक पर होगा. इसी एक घंटे की अवधि में सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा होगा. यही वो समय होगा जब लोग आसमान में 'रिंग ऑफ फायर' का नजारा देख सकेंगे.

क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? (Surya Grahan 2026 In India)
साल का यह पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह सूर्य ग्रहण सिर्फ जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, अर्जेंटीना,  चिली, बोत्सवाना और मोजाम्बिक सहित दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में ही नजर आने वाला है.

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सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा या नहीं? (Surya Grahan 2026 Sutak Timing)
सामान्यत: सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले लागू हो जाता है. चूंकि 17 फरवरी का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा.

क्या पूजा-पाठ या दैनिक कार्यों पर पाबंदी होगी?
यह सूर्य ग्रहण न तो भारत में दिखेगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा. इसलिए किसी भी धार्मिक या दैनिक कार्य पर पाबंदी नहीं होगी. आप बेझिझक अपने सभी कार्य कर सकते हैं. सूर्य ग्रहण जब भारत में लगता है तभी उसका सूतक काल मान्य होता है. सूतक काल लगते ही कई तरह के कार्य वर्जित हो जाते हैं. जैसे सूतक से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक शुभ-मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. मंदिरों में पूजा-पाठ या भगवान की प्रतिमा का स्पर्श नहीं किया जाता है. इस दौरान खाना बनाने या भोजन करने से भी परहेज किया जाता है. नुकीली या धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

सूर्य ग्रहण क्या है?
खगोलविदों का कहना है कि जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक देता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है. इस दौरान पृथ्वी के जिस हिस्से पर चंद्रमा की काली छाया पड़ती है, वहीं से ग्रहण दिखाई देता है.

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कंकण सूर्य ग्रहण क्या है?
कंकण या वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य के बिल्कुल सामने तो आता है, लेकिन उसकी पृथ्वी से ज्यादा दूरी होने के कारण वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता है. इस स्थिति में सूर्य का बाहरी एक चमकदार रिंग की तरह दिखाई देता है. खगोलविद इसे 'रिंग ऑफ फायर' कहते हैं.

सूर्य ग्रहण में क्या सावधानी बरतें?
सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसे कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए. इससे आंखों के रेटिना को नुकसान हो सकता है. सूर्य ग्रहों को फिल्टर ग्लास, दूरबीन या खास तरह के चश्मे से ही देखा जा सकता है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों और बीमार लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. इस दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए. खाने को अच्छी तरह ढककर रखना चाहिए. हालांकि जब यह ग्रहण भारत में न दिखे तो ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है.

सूर्य ग्रहण में क्या न करें?
- सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन पकाने या खाने से बचें
- नुकीली वस्तुओं का प्रयोग और शुभ कार्य वर्जित हैं.
- बिना सुरक्षा नग्न आंखों से सूर्य को देखने की भूल न करें.

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क्या करें?
- सूर्य ग्रहण से पहले स्नान और पूजा-पाठ जरूर करें.
- मंत्र जाप, ध्यान या पाठ करना शुभ माना जाता है.
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर गंगाजल का छिड़काव कर घर की शुद्धि करें.
- गरीबो, जरूरतमंदों को सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा दें.

सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

मेष राशि- रुके हुये काम पूरे होंगे करियर में विशेष सफलताएं मिलेंगी. स्थान परिवर्तन हो सकता है. ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करें.

वृष राशि- करियर में परिवर्तन और सफलता के योग हैं. महत्वपूर्ण काम बन जाएंगे. संपत्ति का लाभ हो सकता है. ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र का जाप करें.

मिथुन राशि- आर्थिक और पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं. वाहन सावधानी से चलाएं. चोट-चपेट से बचाव करें. अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें. ग्रहण के बाद गुड़ का दान करें.

कर्क राशि- स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखें. महत्वपूर्ण काम रुक सकते हैं. यात्राओं में विशेष सावधानी रखें. ग्रहण के दौरान नारायण कवच का पाठ करें. ग्रहण के बाद गुड़ और आटे का दान करें.

सिंह राशि- पारिवारिक समस्या हो सकती है. करियर में समस्या हो सकती है. कारोबार में बड़े नुकसान से बचाव करें. ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र का जाप करें.

कन्या राशि- काम की रुकावट दूर होगी. स्वास्थ्य तथा जीवन में सुधार होगा. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करें.

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तुला राशि- स्वास्थ्य की समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पारिवारिक समस्याएं हो सकती हैं. करियर में अचानक समस्या आ सकती है. ग्रहण के बाद गुड़ का दान करें.

वृश्चिक राशि- करियर में कोई लापरवाही न करें. स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखें. अनचाहा स्थान परिवर्तन हो सकता है. ग्रहण के बाद गुड़ और आटे का दान करें.

धनु राशि- स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति में सुधार होगा. नए कार्य और करियर की शुरुआत हो सकती है. जीवन में बड़ी सफलता मिल सकती है. ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करें.

मकर राशि- करियर में समस्या आ सकती है. इस समय स्थान परिवर्तन भी हो सकता है. वैवाहिक जीवन और रिश्तों का विशेष ध्यान रखें. ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र का जाप करें. ग्रहण के बाद गुड़ और आटे का दान करें.

कुंभ राशि- स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान बनाये रखें चोट चपेट तथा दुर्घटना से सावधान रहें. जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें. ग्रहण के दौरान नारायण कवच का पाठ करें. ग्रहण के बाद गुड़ और गेंहू का दान करें.

मीन राशि- वैवाहिक जीवन में समस्या हो सकती है. दुर्घटनाओं और वाद विवाद से सावधान रहें. अभी करियर में किसी प्रकार का कोई जोखिम न लें. ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र का जाप करें.

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