Solar New Year 2026: भारत में 3 बार मनाया जाता है नया साल, जानें कब-कब होता है सेलिब्रेट

आज सौर नववर्ष है. सूर्य जब मेष राशि में गोचर करते हैं तो सौर नववर्ष (solar new year) मनाया जाता है. भारत में अलग-अलग संस्कृतियों के कारण एक साल में तीन बार न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जाता है.

Advertisement
1 जनवरी वाले नववर्ष के अलावा 2 अन्य मौकों पर भी नववर्ष मनाया जाता है. (Photo: ITG) 1 जनवरी वाले नववर्ष के अलावा 2 अन्य मौकों पर भी नववर्ष मनाया जाता है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST

भारत अपनी विविध संस्कृति के चलते पूरी दुनिया में एक खास पहचान रखता है. यहां की संस्कृति की विविधता को आप साल में तीन बार मनाए जाने वाले न्यू ईयर से समझ सकते हैं. आमतौर पर लोग सिर्फ 1 जनवरी को आने वाले नववर्ष के बारे में ही जानते हैं. लेकिन इसके अलावा भी साल में दो और ऐसे मौके आते हैं, जब लोग नववर्ष का स्वागत करते हैं. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

Advertisement

1 जनवरी
हर साल 1 जनवरी को दुनियाभर में न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जाता है. यह न्यू ईयर ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है,  जिसे 1582 में पोप ग्रेगरी XIII ने लागू किया था. आज पूरी दुनिया में इसी कैलेंडर को मान्यता प्राप्त है. सरकारी कामकाज, शैक्षणिक व्यवस्था और रूटीन कार्य सबकुछ इसी कैलेंडर के आधार पर किए जा रहे हैं. भारत में भी कामकाज के लिए इसी कैलेंडर को मान्यता प्राप्त है. लेकिन सांस्कृतिक रूप से इसका भारत के साथ कोई जुड़ाव नहीं है.

चैत्र का नववर्ष
हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष शुरू होता है. इसे हिंदू नव संवत्सर या विक्रम संवत कहा जाता है. यह नव वर्ष चंद्र-सौर पद्धति पर आधारित है, जिसमें सूर्य और चंद्रमा दोनों की गति को ध्यान में रखा जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अभी 'विक्रम संवत 2083' चल रहा है, जो कि 19 मार्च 2026 को शुरू हुआ था. ये हिंदू कैलेंडर आमतौर पर मार्च या अप्रैल के महीने में ही शुरू होता है.

Advertisement

सौर नववर्ष
1 जनवरी और हिंदू नववर्ष के अलावा वैशाख माह में भी एक नववर्ष आता है. इस नववर्ष की गणना मुख्य रूप से सूर्य की चाल पर निर्भर करती है. सूर्य जब मेष राशि में गोचर करते हैं तो उस दिन सौर नववर्ष मनाया जाता है. देश के अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. पंजाब में इसे बैसाखी कहते हैं तो असम में बिहू. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में पोइला बोइशाख, तमिलनाडु में पुथांडु और केरल में विशु कहा जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement