दिल्ली के द्वारका स्थित ISKCON मंदिर ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसे आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना-चांदी न खरीदने की अपील के बाद ISKCON, द्वारका ने भी अपने भक्तों से ऐसा कुछ कहा है. मंदिर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अब नई चांदी खरीदने के बजाय अपने घरों में पहले से मौजूद चांदी के बर्तन और सेवा सामग्री श्रद्धा भाव से भगवान के सामने अर्पित कर दें
ISKCON की इस अपील के बाद कई भक्त आगे आए हैं और मंदिर को बढ़-चढ़कर दान भी दे रहे हैं. दान में चांदी की प्लेटें, कटोरियां, थाल और पूजा में इस्तेमाल होने वाले अन्य पात्र शामिल हैं. इसके अलावा, लोग भगवान श्री कृष्ण और राधा के श्रृंगार के आभूषण जैसे कि मांग टीका, गले का हार, कड़े, पायल, अंगूठी जैसी चीजें भी मंदिर को दान दे रहे हैं.
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस महान कार्य से गैर जरूरी खर्च से बचाव होगा और भक्तों की भावना सीधे भगवान श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश की सेवा से जुड़ सकेगी. यहां मंदिर परिसर में लगाए गए संदेश बोर्ड में साफ तौर पर लिखा भी है कि 'जो भगवान की सेवा में समर्पित हो जाए, वही सबसे पवित्र धन है.'
बीवी को मुंह दिखाई में मिले सिक्के किए दान
ISKCON मंदिर की इस पहल को श्रद्धालुओं का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है. कई परिवार वर्षों से संभालकर रखी चांदी मंदिर में अर्पित कर रहे हैं. ताकि उसका उपयोग धार्मिक सेवा में हो सके. अभिषेक नाम के एक श्रद्धालु आज चांदी के दो पुराने सिक्के लेकर पहुंचे. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की मुंह दिखाई में दादी ने ये सिक्के उसे उपहार में दिए थे.
सबको माननी चाहिए पीएम मोदी की अपील
मंदिर प्रशासन ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं से कहा है कि इस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील हम सबको माननी चाहिए. आने वाले वक्त में मंदिर में जितने भी कार्यक्रम होंगे, उनमें भी लोगों से सोने चांदी की नई ख़रीददारी न करने के बजाय घर में पहले से मौजूद मूल्यवान चीजों को दान देने की अपील की जाएगी. मंदिर प्रशासन ने इसे कदम को भक्ति, नैतिक जिम्मदेारी और राष्ट्रहित से संकल्पित बताया है.
मनीष चौरसिया