Shani Nakshatra Gochar: उत्तरा भाद्रपद से रेवती में जाएंगे शनि, 4 राशियों का बेहिसाब बढ़ेगा पैसा!

Shani Nakshatra Gochar: रेवती नक्षत्र राशि चक्र का अंतिम नक्षत्र है, जिसका प्रतीक मछली है. यह मोक्ष, यात्रा और नई शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है. शनि जब इस नक्षत्र में आते हैं, तो व्यक्ति के भीतर गहरे आत्म-चिंतन और अनुशासन की भावना पैदा होती है. यह समय व्यापारिक बुद्धि (बुध का प्रभाव) और कर्मफल (शनि का प्रभाव) के संतुलन का है.

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 रेवती नक्षत्र राशि चक्र का अंतिम नक्षत्र है(Photo: ITG) रेवती नक्षत्र राशि चक्र का अंतिम नक्षत्र है(Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

Shani Nakshatra Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता शनि देव का हर कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. साल 2026 में 17 मई को शनि देव उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र से निकलकर रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. 17 मई 2026 को होने वाला यह गोचर जातकों के जीवन में अनुशासन और स्थिरता लेकर आएगा.  

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रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, और शनि का इस नक्षत्र में आना व्यापार, बुद्धि और करियर के लिहाज से बड़े बदलावों का संकेत है. खासकर उन लोगों को लाभ मिलेगा जिनकी कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हैं. आइए जानते हैं किन 5 राशियों पर बरसेगी शनि देव की विशेष कृपा. 

वृषभ राशि: शनि का यह गोचर आपके लिए आर्थिक लाभ के योग बना रहा है. रुके हुए काम पूरे होंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. 

मिथुन राशि: जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय वरदान साबित होगा. आपकी मेहनत का पूरा फल अब आपको मिलने वाला है.

सिंह राशि: निवेश से अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद है. अचानक कहीं से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. 

कन्या राशि: व्यापारियों के लिए यह समय बहुत लाभकारी रहेगा. नए सौदे फाइनल हो सकते हैं जिससे भविष्य में बड़ा लाभ होगा. 

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धनु राशि: आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलने की पूरी संभावना है. 

शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय
यदि आपकी राशि पर शनि की ढैया या साढ़ेसाती चल रही है, तो इस नक्षत्र परिवर्तन के दौरान प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.  साथ ही, हनुमान चालीसा का पाठ करना और काले तिल का दान करना भी शुभ फलदायी रहेगा. 

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