Shani Asta 2026: शनि सहित 3 बड़े ग्रह अस्त, देश-दुनिया पर खतरे का संकेत, ज्योतिषविद ने किया आगाह

Shani Asta 2026: शनि-मंगल-बुध तीनों ग्रस अस्त अवस्था में चल रहे हैं. तीन बड़े ग्रहों का एकसाथ अस्त होना देश-दुनिया के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है. ज्योतिषविद ने इस दुर्लभ संयोग को लेकर आगाह किया है.

Advertisement
तीन बड़े ग्रहों का एकसाथ अस्त होना देश-दुनिया में उथल-पुथल और व्यापक स्तर पर युद्ध के संकेत दे रहा है. (Photo: ITG) तीन बड़े ग्रहों का एकसाथ अस्त होना देश-दुनिया में उथल-पुथल और व्यापक स्तर पर युद्ध के संकेत दे रहा है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:01 PM IST

न्याय देव शनि 13 मार्च से लेकर 22 अप्रैल तक अस्त अवस्था में रहने वाले हैं. संयोगवश बुध और मंगल ग्रह पहले से अस्त हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से तीन बड़े ग्रहों का एकसाथ अस्त होना देश-दुनिया में उथल-पुथल और व्यापक स्तर पर युद्ध के संकेत दे रहा है. ज्योतिष शास्त्र में शनि कर्म और न्याय, मंगल ऊर्जा और पराक्रम, बुध बुद्धि और व्यापार का कारक ग्रह हैं. इन ग्रहों के अस्त होने से निश्चित तौर पर इनसे जुड़ी चीजों पर फर्क पड़ना तय है.

Advertisement

दूसरा, राहु और केतु छाया ग्रह होने के कारण कभी अस्त नहीं होते हैं. लेकिन राहु-केतु जिस राशि में गोचर करते हैं, यदि उनके स्वामी भी अस्त हो जाएं तो ये विपरीत प्रभाव पैदा करते हैं. इस वक्त राहु कुंभ राशि और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं. यानी राहु अस्त होने वाले शनि की मूल त्रिकोण राशि में गोचर कर रहे हैं. इतना ही नहीं, पहले से अस्त चल रहे मंगल और बुध भी इस वक्त शनि की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में चौकड़ी लगाकर बैठे हैं. ग्रहों का ऐसा संयोग देश-दुनिया में हालात बिगड़ने के संकेत दे रहा है.

अस्त होने जा रहे शनि इस वक्त मीन राशि में बैठे हैं, जहां माह के मध्य में सूर्य की दस्तक भी होने वाली है. मीन राशि में अस्त शनि के साथ सूर्य की युति बनते ही राजा-प्रजा के बीच युद्ध जैसे हालात बनेंगे. दुनियाभर में विद्रोह फैलेगा. अपना हित, लाभ और इच्छापूर्ति के लिए लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन बन सकते हैं. किसी बड़े नेता की हत्या की भी संभावनाएं हैं. बता दें कि पूरी दुनिया में पहले से ही मौजूदा हालात बहुत खराब हैं.

Advertisement

देश-दुनिया पर दिख रहा असर
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया जिसमें न केवल जान-माल की हानि हुई, बल्कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत भी हो गई. इसके बाद ईरान ने भी इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. उधर रशिया और के बीच भी लंबे समय से तनाव जारी है.

दुनिया पर आर्थिक संकट का खतरा
मीन जल तत्व की राशि है और इस राशि में शनि के अस्त होने पर आर्थिक संकट गहराने की संभावना भी हैं. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. लोगों की प्रॉपर्टी, इफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंचा है. शेयर मार्केट बुरी तरह क्रैश हो रहा है. निवेशकों की भारी रकम डूब चुकी है.

शनि की मूल त्रिकोण राशि में राहु बैठा है. इसलिए राहु अस्त न होने के बावजूद शनिवत परिणाम देगा. जो वैश्विक स्तर पर अधिक खतरनाक साबित हो सकता है. अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए एक देश दूसरे देश पर साम-दाम, दंड-भेद की नीति अपना सकता है. चिंता की बात ये है कि मंगल और बुध भी शनि की राशि में पहले से अस्त चल रहे हैं. ऐसे में स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है.

Advertisement

हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि मिथुन राशि में गोचर कर रहे बृहस्पति की नौवीं दृष्टि कुंभ राशि पर है. जहां राहु-मंगल-बुध एकसाथ विराजमान हैं. गुरु हाल ही में मार्गी भी हुए हैं. कुंभ राशि पर गुरु की दृष्टि होने के कारण स्थिति संतुलित होने की संभावनाएं भी बनती दिख रही हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement