Paush Purnima 2026: साल की पहली पौष पूर्णिमा कल, इस शुभ मुहूर्त में स्नान-दान करने से मिलेगा दोगुना फल

Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा पर संगम, नदियों और पवित्र जलाशयों में स्नान करने से पापों का नाश, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. यह दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी शुभ माना जाता है.

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कल पौष पूर्णिमा. कल पौष पूर्णिमा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

Paush Purnima 2026: साल 2026 की पहली पूर्णिमा कल है. इसे पौष पूर्णिमा भी कहा जाता है, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.  इस दिन स्नान, दान, पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसी दिन प्रयागराज में आयोजित प्रसिद्ध माघ मेला की शुरुआत भी हो रही है, जो लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रमुख अवसर है. पौष पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने, दान देने और व्रत रखने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है , जिससे जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनी रहती है. 

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पौष पूर्णिमा 2026: तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा 2026 का आरंभ 2 जनवरी की शाम 6:53 बजे से होगा.  समाप्ति 3 जनवरी 2026 को दोपहर 3:32 बजे होगी.  व्रत रखने का शुभ समय 3 जनवरी, शनिवार को माना गया है. 

स्नान और दान के लिए शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर स्नान, दान और पूजा के लिए दो समय सबसे शुभ माना जाता है:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:25 से 6:20 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:46 बजे तक

इस समय गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करने, दान देने और पूजा करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है. माघ मेले की शुरुआत भी इसी दिन होती है, और लाखों श्रद्धालु संगम तट पर आस्था का अनुभव करते हैं. 

पौष पूर्णिमा पर ना करें ये गलतियां
सुबह देर तक न सोएं:
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने से दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ होती है. देर तक सोने से मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और धन की अस्थिरता बढ़ सकती है.

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विवाद और क्रोध से बचें:
पूर्णिमा के दिन क्रोध, झगड़ा या कठोर शब्द बोलना अशुभ माना जाता है. इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है. मां लक्ष्मी की कृपा कम हो सकती है.

सात्विक भोजन का पालन करें:
मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन जैसी तामसिक चीजें इस दिन वर्जित मानी जाती हैं. सात्विक भोजन करने से मन और शरीर दोनों शुद्ध रहते हैं. पूजा का फल बढ़ता है.

कर्ज और लेन-देन से बचें:
पौष पूर्णिमा पर उधार देना या लेना अशुभ माना जाता है. इस दिन केवल दान और पुण्य कार्य करें, ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे.

ध्यान और साधना करें:
यह दिन सिर्फ बाहरी अनुष्ठानों का नहीं है. मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन के लिए ध्यान, जप और स्तुति का अभ्यास करने से भी पुण्य मिलता है.

उपाय

चंद्रमा की रोशनी में खीर: पौष पूर्णिमा पर खीर बनाकर रात में चंद्रमा की किरणों में रखें. खीर को चांदी, कांसे या मिट्टी की कटोरी में रखना शुभ होता है. ऐसा खीर खाने से स्वास्थ्य बेहतर होता है .

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान:सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें. इससे पुण्य की प्राप्ति होती है .

कोड़ी का उपाय 
7 कोड़ियां हल्दी लगाकर लाल कपड़े में बांधें और तिजोरी या माता लक्ष्मी के पास रखें. इससे धन की समस्याएं दूर होती हैं.

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