Paush Purnima 2026: 3 जनवरी को 2026 की पहली पूर्णिमा, ये एक काम करने से पूरे साल होगी लक्ष्मी की कृपा

Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा की तिथि का आरंभ 2 जनवरी 2026 को शाम 06 बजकर 53 मिनट पर होगा. और इसका समापन 3 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में साल की ये पहली पूर्णिमा 3 जनवरी को ही मान्य है.

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पौष पूर्णिमा पर सूर्य और चंद्रमा का दुर्लभ और शक्तिशाली संयोग बनता है, जो अन्य पूर्णिमाओं से इसे अलग बनाता है. (Photo: Pixabay) पौष पूर्णिमा पर सूर्य और चंद्रमा का दुर्लभ और शक्तिशाली संयोग बनता है, जो अन्य पूर्णिमाओं से इसे अलग बनाता है. (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:51 PM IST

पूर्णिमा को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है. इस तिथि पर चंद्रमा अपनी संपूर्ण अवस्था में होता है. माना जाता है कि इस दिन जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा का संचार होता है. चंद्रमा पृथ्वी और जल तत्व पर गहरा प्रभाव डालता है, क्योंकि पूर्णिमा का स्वामी चंद्रमा ही होता है. इस दिन पूजा पाठ विशेष फल की प्राप्ति होती है. नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा 3 जनवरी को पड़ रही है. यह पौष पूर्णिमा है. आइए जानते हैं कि इस दिन कौन सा विशेष उपाय करके आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं.

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कब है पौष पूर्णिमा?
पौष पूर्णिमा की तिथि का आरंभ 2 जनवरी 2026 को शाम 06 बजकर 53 मिनट पर होगा. और इसका समापन 3 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में साल की ये पहली पूर्णिमा 3 जनवरी को ही मान्य है.

पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व
पौष मास को सूर्य देव से जुड़ा महीना माना गया है. जबकि पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि होती है. पौष पूर्णिमा पर सूर्य और चंद्रमा का दुर्लभ और शक्तिशाली संयोग बनता है, जो अन्य पूर्णिमाओं से इसे अलग बनाता है. इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. मान्यता है कि इस तिथि पर ग्रहों से जुड़ी बाधाएं शांत होती हैं और मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है.

पौष पूर्णिमा की पूजन विधि
इस दिन सुबह स्नान से पहले व्रत-पूजा का संकल्प लें. स्नान शुरू करने से पहले जल को सिर से लगाकर नमन करें. स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें. इसके पश्चात मंत्र जाप करें और सामर्थ्य अनुसार दान अवश्य दें. इस दिन उपवास रखना श्रेष्ठ माना जाता है. रात के समय चंद्रमा के सामने ध्यान करें. मान्यता है कि पूर्णिमा की रात की गई प्रार्थना शीघ्र फल देती है.

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साल की पहली पूर्णिमा पर करें ये उपाय
पौष पूर्णिमा की मध्यरात्रि में घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें. ऐसा करने से धन वृद्धि के योग बनते हैं. मान्यता है कि मां लक्ष्मी का प्राकट्य पूर्णिमा तिथि पर ही हुआ था. इसलिए यह तिथि देवी को विशेष प्रिय है. इस दिन मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें और खीर का भोग लगाएं. बाद में यह प्रसाद सात कन्याओं को बांट दें, जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. पौष पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और मिठाई का भोग लगाएं. ऐसा करने से आर्थिक लाभ के साथ-साथ दांपत्य जीवन में भी प्रेम और मधुरता बनी रहती है.

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