Garud Puran: हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण का एक खास महत्व माना जाता है. इसमें जीवन, कर्म, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. इस ग्रंथ के अनुसार, मृत्यु अचानक नहीं आती, बल्कि उसके आने से पहले कुछ संकेत दिखाई देते हैं.
मृत्यु से पहले दिखने वाले संकेत
1. अपनी परछाई न दिखना
गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को अपनी ही परछाई दिखाई देना बंद हो जाए, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह जीवन के अंत के करीब होने का इशारा है.
2. सपनों में पूर्वजों का दिखना
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार अपने मृत रिश्तेदार सपनों में दिखने लगें जैसे वे बात कर रहे हों या बुला रहे हों, तो इसे भी मृत्यु के करीब आने का संकेत माना जाता है.
3. यमदूतों का आभास होना
कहा जाता है कि जब मृत्यु करीब होती है, तो व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है कि कोई उसे लेने आया है. कई बार रात में डर, बेचैनी या नकारात्मक ऊर्जा का एहसास भी होता है, जिसे यमदूतों की मौजूदगी माना जाता है.
4. पुराने कर्म याद आना
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के समय व्यक्ति को अपने अच्छे और बुरे कर्म साफ-साफ याद आने लगते हैं. अगर बार-बार पुरानी बातें याद आने लगें, तो इसे भी अंत के करीब होने का संकेत माना जाता है.
5. हथेली की रेखाएं हल्की पड़ना
एक कम सुना गया संकेत यह भी है कि मृत्यु के करीब आने पर हाथ की रेखाएं हल्की पड़ने लगती हैं या कभी-कभी गायब भी हो जाती हैं.
मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण क्यों पढ़ा जाता है?
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद घर में इसका पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से क्या फर्क पड़ता है.
- मृत आत्मा को शांति मिलती है.
- मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलती है.
- घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
- वातावरण शांत और आध्यात्मिक बनता है.
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