11 अप्रैल को बुध ने कुंभ से निकलकर मीन राशि में गोचर किया था. ग्रहों के राजकमार बुध अब 30 अप्रैल तक इसी राशि में रहेंगे. यानी मीन राशि में बुध करीब 20 दिन तक रहने वाले हैं. ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र का कहना है कि मीन देवगुरु बृहस्पति की राशि है और इस राशि में बुध नीचस्थ होते हैं. यानी बुध की स्थिति कमजोर मानी जाती है. इस राशि में आते बुध नीचभंग राजयोग का भी निर्माण करते हैं. इसलिए बुध के इस राशि परिवर्तन को तीन राशियों के लिए अशुभ माना जा रहा है.
मेष राशि
मेष राशि से 12वें घर में बुध का यह गोचर हो रहा है. आपको कार्यक्षेत्र में संभलकर काम करने की सलाह है. किसी भी काम में बहुत क्विक-फास्ट डिसीजन लेना आपको भारी पड़ सकता है. जल्दबाजी में जॉब स्विच करना या किसी नए काम की अचानक शुरुआत आपको नुकसान दे सकती है. एकदम से अत्यधिक निवेश करने से बचें. किसी बड़ी यात्रा को फिलहाल टाल दें. इस दौरान बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेने में ही भलाई है.
कन्या राशि
कन्या राशि वाले अपने कार्यक्षेत्र में फोकस करें. दूसरों के भरोसे काम न छोड़ें, नुकसान होगा. इस दौरान आपके मन में नेगेटिविटी बढ़ सकती है. लंबी दूरी की यात्रा भी नुकसानदायक साबित हो सकती है. इस दौरान आपको बड़ी मुश्किल से अपनी मेहनत का फल मिलेगा. घर-परिवार से संबंधित जो परेशानियां हैं, वो भी ट्रिगर हो सकती है. रोग-बीमारियों और चोट-चपेट से आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है. इस दौरान दूसरों का वाहन या गाड़ी मांगकर बिल्कुल न चलाएं.
तुला राशि
तुला राशि से छठे घर में बुध का यह गोचर हो रहा है. तुला राशि के लोग आने वाले 20 दिनों तक सावधानी से कार्य करें. किसी भी काम में बहुत ज्यादा अग्रेशन (आक्रामकता) न दिखाएं. लड़ाई झगड़े से बचने की सलाह होगी. पैसे के उधार लेन-देन से बचें. स्वास्थ्य के मामले में तुला राशि वाले लापरवाही बिल्कुल न बरतें. अगर कोई दवाई ले रहे हैं तो समय पर लेते रहें. तुला राशि के जो छात्र कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने वाले हैं, उसके लिए प्रयास बढ़ाने होंगे.
उपाय
यदि बुध के इस गोचर के बाद आपकी समस्याएं बढ़ने लगें तो कुछ खास उपाय कर सकते हैं. बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े पहनें. गाय को हरा चारा खिलाएं और हरे रंग की चीजों का दान करें. 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करें. बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें.
प्रवीण मिश्र, ज्योतिषी