Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगल को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. आज ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल है. मान्यता है कि ज्येष्ठ के बड़े मंगल पर हनुमान जी की विधिवत पूजा से इंसान की सोई तकदीर चमक सकती है. इस दिन बजरंगबली को उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती हैं. सनातन परंपरा के अनुसार, हनुमान जी को कुछ खास चीजों का भोग अत्यंत प्रिय है. इसलिए बड़े मंगल के दिन इन चीजों का भोग उन्हें जरूर लगाएं.
रोट
रोट या चूरमा हनुमान जी का सबसे पसंदीदा भोग माना जाता है. हनुमान जी चढ़ने वाला यह भोग गेहूं के आटे, गुड़, ड्राई फ्र्टूस और खूब सारे देसी घी के साथ तैयार किया जाता है. राजस्थान और हरियाणा में हनुमान जी के इस भोग का बड़ा चलन है. सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों में हनुमान जी को इसका भोग अर्पित किया जाता है.
गुड़ और चना
बजरंगबली को गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है. आप गुड़ और चने को पीसकर इसके लड्डू बनाकर भगवान को अर्पित कर सकते हैं. या फिर गुड़ की भेली और चने भी हनुमान जी को चढ़ाए जा सकते हैं. मान्यता है कि इस भोग को अर्पित करने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोष शांत होते हैं और सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है.
बूंदी या बूंदी के लड्डू
हनुमान जी को बूंदी और बूंदी के लड्डू का भोग भी अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि इस प्रसाद से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. भगवान को बूंदी के प्रसाद का भोग लगाने के बाद से भक्तों में बांटना बिल्कुल न भूलें. इसके अलावा, आप चाहें तो जलेबी या इमरती का भोग भी हनुमान जी को लगा सकते हैं.
केसर भात
मारुति नंदन हनुमान को केसर भात का भोग भी बहुत प्रिय है. इसे चावल, चीनी और केसर की मदद से बनाया जाता है. मान्यता है कि केसर भोग अर्पित करने से मंगल दोष से राहत मिलती है.
पान का बीड़ा
ज्येष्ठ के बड़े मंगल पर बजरंगबली को मीठा पान भी अर्पित किया जाता है. इसे पान का बीड़ा कहा जाता है. हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाला पान सुपारी, गुलकंद, सौंफ आदि से बनाया जाता है. इसमें तंबाकू या किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ नहीं होना चाहिए. केवल सादा और मीठा पान ही भगवान को चढ़ाया जाता है.
aajtak.in