Apra Ekadashi Upay: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी की अलग ही खासियत है. अपरा यानी के वह तिथि जो अपार पुण्य और लाभ दे. साल 2026 में अपरा एकादशी 13 मई को मनाई जाएगी. इस दिन ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो आर्थिक तंगी और दुर्भाग्य को दूर करने के लिए रामबाण साबित हो सकता है.
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से व्यक्ति को प्रेत योनी और अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है. यदि आप भी जीवन में दरिद्रता से जूझ रहे हैं, तो अपरा एकादशी पर तुलसी पूजन और कुछ विशेष उपाय आपके भाग्य के द्वार खोल सकते हैं.
धन प्राप्ति के अचूक उपाय
अगर कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा नहीं टिकता या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो इस एकादशी पर ये 3 उपाय जरूर आजमाएं:
पीली कौड़ी का उपाय: एकादशी की सुबह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों में 5 पीली कौड़ियां अर्पित करें. पूजा संपन्न होने के बाद इन्हें लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. यह उपाय धन को आकर्षित करने की चुंबकीय शक्ति रखता है.
दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक: धन की देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिला हुआ दूध भरें, उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें. इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती.
केसर और हल्दी का तिलक: इस दिन श्रीहरि को हल्दी और केसर का तिलक लगाएं. साथ ही अपने घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं. इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती.
तुलसी पूजन में न करें ये 5 गलतियां
तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिया माना जाता है, इसलिए एकादशी के दिन उनकी पूजा में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. इन गलतियों से माता लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं:
जल न चढ़ाएं: एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना वर्जित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. जल देने से उनका व्रत खंडित हो जाता है.
पत्ते न तोड़ें: एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ना महापाप माना गया है. यदि आपको भोग के लिए पत्तों की आवश्यकता है, तो उन्हें एक दिन पहले (दशमी) को ही तोड़कर रख लें.
स्पर्श से बचें: सूर्यास्त के बाद या अशुद्ध अवस्था (बिना स्नान किए) में तुलसी को स्पर्श न करें. शाम के समय केवल घी का दीपक जलाकर दूर से ही प्रार्थना करें.
सूखी तुलसी: घर में सूखी हुई तुलसी रखना दुर्भाग्य का प्रतीक है. यदि पौधा सूख गया है, तो उसे ससम्मान किसी नदी में प्रवाहित कर नया पौधा लगाएं.
तामसिक भोजन: जिस घर में तुलसी हो और एकादशी का व्रत हो, वहां मांस, मदिरा या प्याज-लहसुन का प्रयोग करने से लक्ष्मी जी घर त्याग देती हैं.
तुलसी पूजा की सही विधि
अपरा एकादशी की शाम को तुलसी के क्यारे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं. दीपक जलाते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें और पौधे की 11 या 21 बार परिक्रमा करें. ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार आता है.
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