19 अप्रैल को देशभर में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य के कार्यों से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. यानी इस दिन मिला फल या पुण्य आजीवन रहता है. इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी भी बहुत शुभ मानी जाती है. कहते हैं कि इस दिन मूल्यवान चीजों की खरीदारी से धनधान्य में कई गुना वृद्धि हो सकती है. हालांकि वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अक्षय तृतीया पर एक रुपया खर्च किए बिना भी आपका उद्धार हो सकता है. आइए जानते हैं.
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अक्षय तृतीया पर दान करने की परंपरा है. कहते हैं कि इस दिन व्यक्ति जितना ज्यादा दान करता है, उसे उतना ही बढ़कर लाभ मिलता है. और नामजप का दान सबसे बड़ा दान है. त्रिभुवन में इससे बड़ा कोई दान नहीं है. यदि आपका नामजप, भजन, कीर्तन दूसरों के कानों में पड़ रहा है, तो इससे उसका भी कल्याण हो रहा है.
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि अक्षय तृतीया के दिन राधा रानी को भोग लगाकर घर में ही रूखा-सूखा ग्रहण कर लेना. बाहर पानी भी मत पीना. इस दिन मौन रहेंगे तो और भी अच्छा होगा. पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के नाम का जाप करें. आप जितना भगवान का नामजप करेंगे, उतना ज्यादा बढ़कर आपको लाभ मिलेगा. आप जितना ज्यादा दूसरों को सुख पहुंचाएंगे, उससे बढ़कर आपकी उन्नति होगी.
अक्षय तृतीया तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस साल वैशाख शुक्ल तृतीया 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे से प्रारंभ होगी. इस तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 7:49 बजे होगा. उदिया तिथि के आधार पर अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा.
अक्षय तृतीया पर क्या न खरीदें?
अक्षय तृतीया के दिन कुछ खास चीजें खरीदकर घर बिल्कुल न लाएं. इस दिन लोहे से निर्मित चीजों को घर न लाएं. धारदार या नुकीली वस्तुएं जैसे- चाकू, छुरी, कैंची आदि की खरीदारी भी वर्जित है. अक्षय तृतीया पर काले रंग की चीजें भी बिल्कुल न खरीदें. इस दिन कर्ज-उधार से खरीदा गया सामान भी घर लाने से परहेज करें.
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