जमीन से निकली हांडी, लोग बोले- खजाना है, मच गई लूट... मुश्किल से बचा पाई पुलिस, मिस्ट्री बरकरार

राजस्थान के टोंक में खजाने की तलाश से जुड़ा रहस्यमय मामला सामने आया है. गांव के बाहर संदिग्ध खुदाई, गुलाब की पत्तियां और महिला की चप्पल मिलने से पहले किसी शव के गाड़े जाने की आशंका जताई गई, लेकिन जब खुदाई हुई तो धातु से बनी भारी-भरकम प्राचीन हांडी निकली. इसके बाद खजाने की चर्चा होने लगी, मौके पर लूट मच गई. हांडी बचाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

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हांडी बचाने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत. (Photo: ITG) हांडी बचाने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत. (Photo: ITG)

मनोज तिवारी

  • टोंक,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

टोंक जिले के निवाई उपखंड के देवरी गांव में खजाने की तलाश से जुड़ा एक रहस्यमय मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. गांव के बाहर एक स्थान पर अज्ञात लोगों द्वारा की गई खुदाई ने पहले ग्रामीणों को चौंका दिया और फिर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. दरअसल, ग्रामीणों ने मौके पर गुलाब की पत्तियां और एक महिला की चप्पल पड़ी देखी. साथ ही जमीन में खुदाई के निशान नजर आए. इन संकेतों को देखकर ग्रामीणों को आशंका हुई कि शायद यहां किसी महिला का शव गाड़ा गया है.

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सूचना मिलने पर निवाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदेह को दूर करने के लिए जेसीबी से खुदाई शुरू करवाई गई..लेकिन जैसे-जैसे खुदाई गहरी होती गई, मामला और रहस्यमय होता चला गया. शव की जगह जमीन के अंदर से एक धातु से बना घड़ेनुमा प्राचीन पात्र बरामद हुआ.

इस दौरान वहां शव की जगह धातु से बना पात्र मिला. लोगों का शक पक्का हो गया कि अज्ञात लोग किसी तांत्रिक या अन्य किसी की बात पर यहां खजाने की तलाश में आए होंगे और रात को खजाने की तलाश में फिर लौटने की योजना रही होगी. पात्र बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

ग्रामीणों में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि यह कोई पुराना खजाना हो सकता है. कुछ लोगों ने तो कहा कि पात्र के अंदर सोने जैसी कोई वस्तु है और अफरा-तफरी के बीच कुछ लोग उसमें से कुछ निकाल भी ले गए.

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पुलिस के सामने स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई. धातु के उस पात्र को लूट से बचाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. ग्रामीण बार-बार पात्र के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे.

हालात को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्ती बरती. मामले की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम निवाई के निर्देश पर तहसीलदार नरेश गुर्जर मौके पर पहुंचे. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उस प्राचीन पात्र को सील किया गया और पुलिस वाहन से निवाई स्थित उप-कोषागार (सब-ट्रेजरी) में सुरक्षित रखवाया गया.

यह धातु से बनी ये हांडी काफी भारी है. इसकी भारी-भरकम स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच लोग मिलकर भी उसे आसानी से उठा नहीं पा रहे थे. हांडी के ऊपर ढक्कन लगा हुआ है, जिस कारण फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि उसके अंदर आखिर क्या है. यही वजह है कि यह मामला अब भी रहस्य बना हुआ है.

प्रशासन ने इस पूरे मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को दे दी है. तहसीलदार नरेश गुर्जर ने बताया कि नियमानुसार पुरातत्व विभाग की टीम ही इस पात्र को खोलेगी और जांच करेगी कि यह वास्तव में कोई ऐतिहासिक धरोहर है या फिर खजाने से जुड़ा कोई सच. फिलहाल देवरी गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उस घड़ेनुमा पात्र के अंदर क्या छिपा है.

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