सरिस्का टाइगर रिजर्व में टेरिटोरियल फाइट के दौरान बाघिन ST28 की मौत, शरीर पर मिले गहरे घाव

सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन ST28 की मौत हो गई है. अकबरपुर रेंज के पृथ्वीपुर बीट डाबली क्षेत्र में टेरिटोरियल फाइट के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई. पोस्टमार्टम एनटीपीसीए प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया.

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बाघिन ST28 की मौत (Photo: Representational) बाघिन ST28 की मौत (Photo: Representational)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:08 PM IST

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है. सरिस्का के अकबरपुर रेंज नाका के अंतर्गत पृथ्वीपुर बीट डाबली के वन क्षेत्र में सोमवार को बाघिन ST28 मृत अवस्था में पाई गई. बाघिन का शव मिलने की सूचना मिलते ही सरिस्का प्रशासन में हड़कंप मच गया और वन विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे.

जानकारी के अनुसार स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल क्षेत्र में बाघिन को मृत पड़े देखा और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही सरिस्का प्रशासन सक्रिय हुआ और अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची. मौके पर तीन डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया, जिन्होंने बाघिन के शव का पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया एनटीपीसीए के प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई. इसके बाद नियमानुसार बाघिन के शव का अंतिम संस्कार किया गया.

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अकबरपुर रेंज के डाबली वन क्षेत्र में मिला बाघिन ST28 का शव

सरिस्का टाइगर रिजर्व में इस समय बाघों की संख्या लगभग 50 हो चुकी है. इनमें 21 शावक शामिल हैं, जो धीरे-धीरे व्यस्क अवस्था की ओर बढ़ रहे हैं. आमतौर पर बाघ दो साल की उम्र के बाद व्यस्क हो जाते हैं और इसके बाद उन्हें अपने लिए अलग क्षेत्र की आवश्यकता होती है. इसी वजह से जंगल में बाघों के बीच क्षेत्र को लेकर संघर्ष की स्थिति बनी रहती है.

अधिकारियों के अनुसार बाघिन ST28 की मौत भी इसी टेरिटोरियल फाइट का नतीजा है. अकबरपुर रेंज के पृथ्वीपुर बीट डाबली क्षेत्र में बाघिन का किसी अन्य बाघ के साथ क्षेत्र को लेकर संघर्ष हुआ. इस दौरान बाघिन को गंभीर चोटें आईं. उसके शरीर से अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

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सरिस्का के मुख्य वन संरक्षक संग्राम सिंह ने बताया कि डाबली क्षेत्र में बाघिन का शव मिला है. जांच के दौरान बाघिन के पिछले हिस्से में गंभीर घाव के निशान पाए गए हैं. यह इलाका बाघ ST14 और ST17 का क्षेत्र माना जाता है. शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि बाघिन की मौत टेरिटोरियल फाइट के दौरान अधिक खून बहने से हुई है.

ज्यादा खून बहने से हुई मौत, पोस्टमार्टम में मिले गहरे घाव

वन विभाग के अनुसार बाघिन ST28 की उम्र करीब 5 से 6 साल बताई जा रही है. यह भी जानकारी सामने आई है कि बाघिन ने अभी तक सरिस्का में किसी भी शावक को जन्म नहीं दिया था. बाघिन की मौत से सरिस्का प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में चिंता का माहौल है. सरिस्का प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जंगल में बाघों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे संघर्षों से होने वाले नुकसान को समझा जा सके.
 

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