राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच फिलहाल एक ही बिंदु पर आकर ठहर गई है, वह है FSL रिपोर्ट... एसआईटी यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस केस की पड़ताल कर रही है. एफएसएल से विसरा रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों से राय ली जाएगी. जो भी अंतिम मेडिकल राय सामने आएगी. उसी के आधार पर जांच की दिशा तय होगी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा की एफएसएल जांच, मेडिकल हिस्ट्री और एक्सपर्ट ओपिनियन के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना फिलहाल संभव नहीं माना जा रहा. कंपाउंडर देवीसिंह राजपुरोहित ने साध्वी के पास दवा की एक पर्ची देखी थी, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि पर्ची किस डॉक्टर की थी.
इसके चलते उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी. एसआईटी प्रभारी एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि अब तक इस मामले में 37 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. जांच के दायरे में साध्वी का इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल एक्सपर्ट, आश्रम में आने-जाने वाले लोग, सोशल मीडिया हैंडल करने वाले व्यक्ति और कुछ करीबी रिश्तेदार शामिल हैं.
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पुलिस ने कई अहम बयानों की वीडियोग्राफी भी करवाई है, ताकि जांच के दौरान कोई कड़ी कमजोर न पड़े. इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने करीब 40 संदिग्ध संपर्कों को रडार पर लिया है, जिनकी मूवमेंट, कॉल ट्रेल और आपसी कनेक्शन की गहन जांच चल रही है. यह भी परखा जा रहा है कि इन संपर्कों के बीच कोई ऐसा लिंक तो नहीं, जो अब तक जांच से बाहर रहा हो.
घटना वाले दिन की मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन हो रही तैयार
पुलिस अब साध्वी प्रेम बाईसा के अंतिम दिन की मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन तैयार कर रही है. साध्वी कहां से आईं? कितनी देर कहां रुकीं? किस परिस्थिति में पहुंचीं? और तबीयत कब और कैसे बिगड़ी? इन सभी सवालों के जवाब जुटाने के लिए कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी इनपुट और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारियों को एक साथ मर्ज किया जा रहा है.
कितने सोशल मीडिया अकाउंट और हैंडल कौन करता है?
एसआईटी प्रभारी एसीपी शर्मा के मुताबिक, मामले में सोशल मीडिया एंगल भी जांच के घेरे में है. पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या साध्वी को सोशल मीडिया के जरिए किसी तरह से परेशान किया जा रहा था. इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उनके कितने सोशल मीडिया अकाउंट थे, उन्हें कौन-कौन हैंडल कर रहा था.
किस स्तर पर कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था. सोशल मीडिया एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिससे डिजिटल गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके.
वहीं साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन का DNA टेस्ट भी कराया गया है. इससे पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उनके शरीर में कोई संदिग्ध तत्व तो नहीं मिला.
मेडिकल हिस्ट्री और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले रहे
पुलिस साध्वी की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है. पुरानी बीमारियों से लेकर हालिया इलाज और इंजेक्शन से जुड़े हर इनपुट को जोड़कर एक प्रोफाइल तैयार की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि हर छोटे इनपुट को बड़े पैटर्न में बदलकर देखा जा रहा है, ताकि जांच किसी एक बिंदु पर सीमित न रह जाए. अगर जांच में किसी भी स्तर पर कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है और जरूरत महसूस होती है, तो उपलब्ध सभी तकनीकी और कानूनी साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा. जांच को किसी भी सूरत में अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा.
कब और कैसे हुई थी साध्वी की मौत
28 जनवरी की शाम जोधपुर में आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. इसके बाद एक कंपाउंडर वहां पहुंचा था. उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी हालत तेजी से खराब हो गई. साध्वी के पिता ने एक सहयोगी की मदद से उन्हें आश्रम से तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शुरुआती तौर पर यह मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मानी जा रही है. एसआईटी इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
अशोक शर्मा