राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर अशोक गहलोत और सचिन पायलट का पुराना विवाद गर्मा गया है. मंगलवार को जयपुर एयरपोर्ट से बाहर आते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले 14 दिनों में तीसरी बार सचिन पायलट पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाते हुए उन पर निशाना साधा है. गहलोत के अनुसार पायलट पहले बीजेपी के बहकावे में आ गए थे लेकिन अब उन्हें गलती का एहसास है.
दरअसल, कांग्रेस के अंदर गहलोत के इस रुख को देखते हुए टोंक में बीजेपी के प्रभारी सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत समारोह के मौके पर कहा कि टोंक का विधायक सचिन पायलट बहरूपिया है, जिसकी एक टांगें कांग्रेस में तो दूसरी न जाने कहां रहती है.
उन्होंने पायलट को उत्तर प्रदेश का भगोड़ा बताते हुए कहा कि मैं तो सोच भी नहीं सकता हूं कि कोई उत्तर प्रदेश से आकर यहां विधायक बने.
'गलती का एहसास'
इसी को लेकर जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत से जयपुर एयरपोर्ट पर पूछा गया तो उन्होंने मीडिया से कहा कि सचिन पायलट बीजेपी के बहकावे में चले गए थे. उनको अपनी गलती का एहसास हो गया है. अब उनकी दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और अब वो कहीं नहीं जाएंगे.
इसके अलावा राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बीजेपी प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और बीजेपी प्रभारी से माफी मांगने की मांग की है.
कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी प्रभारी जब से यहां आए हैं, तब से राजस्थान में कांग्रेस के नेताओं के लिए अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं. इन्हें राजस्थान की राजनीति से कोई लेना देना नहीं है.
शरत कुमार