राजस्थान में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त राजस्थान’ अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और एटीएस की संयुक्त टीम ने नागौर जिले के सुरपालिया थाना क्षेत्र के डेह गांव में एक सक्रिय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर से 27.37 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी (मेफेड्रोन) और नशे की बिक्री से अर्जित 50 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं. इस मामले में पुलिस ने आरोपी संजय उर्फ पिंटू (23) और उसकी मां जसोधा (51) को गिरफ्तार किया है. दोनों को उनके घर से ही पकड़ा गया.
यह भी पढ़ें: ससुराल का मिला साथ तो बहू ने कर दिखाया कमाल... नागौर की डिंपल ने पास की मुश्किल परीक्षा, बोलीं- ये सबका आशीर्वाद
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि डेह गांव निवासी संजय उर्फ पिंटू और उसकी मां जसोधा लंबे समय से एमडी ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं. सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ और एटीएस की टीम ने सुरपालिया थाना पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई.
छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची तो मुख्य दरवाजा खुला हुआ था. अंदर जसोधा और संजय मौजूद थे. पुलिस को देखते ही दोनों घबरा गए। तलाशी के दौरान कमरे से एमडी ड्रग्स और नकदी बरामद हुई, जिसके बाद दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
किराना दुकान की आड़ में चल रहा था धंधा
जांच में सामने आया कि यह परिवार काफी समय से नशे के अवैध कारोबार में शामिल है. आरोपी संजय के पिता संतोष राम आचार्य पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुके हैं और फिलहाल जेल में न्यायिक अभिरक्षा में हैं.
पिता के जेल जाने के बाद भी घर में नशे का कारोबार बंद नहीं हुआ. मां और बेटे ने मिलकर इस धंधे को जारी रखा. जसोधा ने घर पर किराना दुकान खोल रखी थी और उसी की आड़ में ग्राहकों को एमडी ड्रग्स सप्लाई की जाती थी. वहीं संजय आसपास के इलाकों में इसकी तस्करी करता था.
पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजय उर्फ पिंटू के खिलाफ पहले भी नागौर सदर और कुचेरा थाना क्षेत्रों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ था.
इस कार्रवाई में एएनटीएफ जयपुर मुख्यालय, नागौर चौकी और सुरपालिया थाना पुलिस की टीम शामिल रही. दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.
नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के ड्रग्स रैकेट समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं और खासकर युवाओं के भविष्य को बर्बाद करते हैं. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी नशे से जुड़ी गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें. एएनटीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी.
केशाराम गढ़वार