सेना में भर्ती कराने का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक युवक को कोटा पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है. आरोपी सेना की वर्दी पहनकर खुद को आर्मी अधिकारी बताता था और इसी पहचान का फायदा उठाकर युवाओं से रुपए वसूलता था. इस कार्रवाई से सेना के नाम पर हो रही ठगी का बड़ा मामला सामने आया है.
कोटा एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शनिवार को नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित नेहरू गार्डन में आर्मी इंटेलिजेंस टीम को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर एक युवक को डिटेन किया, जो सेना की वर्दी में घूम रहा था और खुद को आर्मी अधिकारी बता रहा था.
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पूछताछ में नहीं दे पाया संतोषजनक जवाब
आर्मी इंटेलिजेंस टीम ने जब युवक से उसके पद, तैनाती और पहचान से जुड़े सवाल किए, तो वह कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. उसके बयान में लगातार विरोधाभास सामने आए, जिससे टीम को उस पर शक और गहरा हो गया.
इसके बाद युवक को नयापुरा थाने लाया गया, जहां कोटा पुलिस ने उससे विस्तार से पूछताछ की. जांच के दौरान यह साफ हो गया कि युवक फर्जी तरीके से सेना की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था और खुद को आर्मी अधिकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करता था.
आर्मी एरिया में घूमकर युवाओं को बनाता था शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आर्मी एरिया और नेहरू गार्डन के आसपास सेना की वर्दी पहनकर घूमता था. वह बेरोजगार युवाओं से संपर्क करता और उन्हें सेना में भर्ती कराने का झांसा देता था. भर्ती प्रक्रिया और सेटिंग के नाम पर वह युवाओं से रुपए ऐंठ लेता था.
गिरफ्तार युवक की पहचान महेश गिर (22) पुत्र प्रकाश गिर, निवासी गांव जड़वासा, जिला रतलाम (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है. पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की ठगी कर रहा था.
एडीएम के सामने पेश, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अतिरिक्त जिला कलेक्टर के समक्ष पेश किया. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने युवाओं से ठगी की है.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस ठगी के पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है और क्या आरोपी के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं. कोटा पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की यह संयुक्त कार्रवाई युवाओं को ठगने वाले ऐसे फर्जी लोगों के खिलाफ एक सख्त संदेश मानी जा रही है.
चेतन गुर्जर