खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर सास को किया बीमार, शादी के एक महीने बाद बहू ने खेला बड़ा खेल

अलवर में शादी के एक महीने बाद बहू ने अपनी सास को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर खिला दिया. इसके बाद जब सब लोग अस्पताल गए तो बहू घर से लाखों के जेवर व नकदी लेकर फरार हो गई. जांच में सामने आया कि महिला पहले से शादीशुदा है और अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसा चुकी है.विक्रमजीत ने कोर्ट के जरिए केस दर्ज कराया है. पुलिस अब पूरे मामले और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.

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बहू ने अपनी सास को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर दे दिया (Photo: ITG) बहू ने अपनी सास को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर दे दिया (Photo: ITG)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

राजस्थान के अलवर से सामने आया एक मामला इन दिनों इलाके में चर्चा में है. पहली नजर में यह एक सामान्य शादी जैसी लगी जहां मुलाकात, भरोसा, रस्में और फिर गृहस्थी की शुरुआत हुई. लेकिन इस कहानी का दूसरा पक्ष सामने आया तो हर कोई हैरान रह गया. यहां शादी के महज एक महीने के भीतर ही बहू ने सास को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर दे दिया. जब सब लोग उन्हें अस्पताल ले गए तो इस बीच बहू घर से गहने और पैसे लेकर भाग गई.  

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यह कहानी है एक युवक विक्रमजीत की. उसके अनुसार, घर से करीब एक किलोमीटर दूर रहने वाली बबली कौर के जरिए उसकी पहचान पिंकी कौर से हुई. पिंकी ने खुद को शादी कराने वाली महिला बताया और अपनी भांजी रेखा कौर का रिश्ता विक्रमजीत के सामने रखा. शुरुआत में विक्रमजीत ने यह सवाल जरूर उठाया कि रेखा पहले से शादीशुदा तो नहीं है. इस पर पिंकी ने भरोसा दिलाया कि रेखा का तलाक हो चुका है और कागजी प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी. यह बात इतनी आत्मविश्वास से कही गई कि विक्रमजीत को उस पर शक करने की कोई वजह नहीं लगी.

कोर्ट एग्रीमेंट और फिर गुरुद्वारे में शादी

विक्रमजीत को कोर्ट बुलाया गया, जहां रेखा के साथ उसका लिव-इन रिलेशनशिप एग्रीमेंट तैयार कराया गया. इसके बाद 60 फीट रोड स्थित गुरुद्वारे में दोनों की शादी कर दी गई. परिवार की मौजूदगी में हुई इस शादी पर करीब 5 लाख रुपये खर्च किए गए. शादी के शुरुआती कुछ दिन सामान्य रहे, लेकिन धीरे-धीरे रेखा का व्यवहार बदलने लगा. छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना, घर के माहौल में तनाव पैदा करना. यह सब धीरे-धीरे बढ़ता गया. विक्रमजीत को यह बदलाव समझ नहीं आ रहा था. वह इसे सामान्य वैवाहिक तनाव समझकर नजरअंदाज करता रहा, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह सब किसी बड़ी योजना का हिस्सा हो सकता है.

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खिचड़ी में मिलाया जहर

इस कहानी का सबसे खतरनाक मोड़ बनकर सामने आया. आरोप है कि उस दिन रेखा ने विक्रमजीत की बीमार मां को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर खिला दिया. खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई. हालत गंभीर होती देख परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर गए. घर के सभी सदस्य अस्पताल की ओर दौड़ पड़े. इसी दौरान रेखा ने घर में अकेले होने का फायदा उठाया. अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, करीब 30 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान समेटा और मौके से फरार हो गई. जब परिवार अस्पताल से लौटा, तो घर का दृश्य बदल चुका था. अलमारी खाली थी, जेवर गायब थे और रेखा का कोई पता नहीं था. विक्रमजीत के मुताबिक, घर से एक सोने का नेकलेस, मंगलसूत्र, दो सोने की अंगूठियां, चांदी के जेवर, पायजेब और अन्य सामान गायब था. कुल मिलाकर लाखों रुपये का नुकसान हुआ.

जांच में सामने आई सच्चाई

घटना के बाद जब विक्रमजीत ने अपने स्तर पर जांच शुरू की, तो जो सच्चाई सामने आई, उसने उसे अंदर तक हिला दिया. उसे पता चला कि रेखा का अपने पहले पति गुरदीप से तलाक ही नहीं हुआ था. इतना ही नहीं, उससे उसके दो बच्चे भी हैं. यानी जिस शादी को वह नई शुरुआत मान रहा था, वह पहले से ही झूठ की नींव पर खड़ी थी. विक्रमजीत के मुताबिक, जब उसने इस बारे में पिंकी कौर से बात की, तो जवाब और भी चौंकाने वाला था. आरोप है कि पिंकी ने साफ कहा 
कि ये हमारा धंधा है, तुम हमारा कुछ नहीं कर सकते.

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धमकी और वसूली का दबाव

इतना ही नहीं, विक्रमजीत का कहना है कि बाद में उसे धमकियां भी दी गईं. कहा गया कि अगर उसने रेखा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसे झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा. फिर से फोन कर उससे 3 लाख रुपये की मांग की गई. पैसे नहीं देने पर फिर वही धमकी झूठे केस में फंसाने की. विक्रमजीत का आरोप है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह फंसा चुका है. हर बार एक ही तरीका पहले भरोसा, फिर शादी और कुछ दिनों बाद जेवर-नकदी लेकर फरार. कुछ नाम भी सामने आए हैं, जिनके साथ इसी तरह की ठगी होने की बात कही जा रही है. 

पुलिस और कार्रवाई का सवाल

विक्रमजीत ने पहले अरावली विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई. लेकिन आरोप है कि वहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा. आखिरकार उसने कोर्ट का सहारा लिया. कोर्ट के आदेश पर अब मामला दर्ज हुआ है और जांच शुरू की गई है. इस मामले में अरावली विहार थाने की ओर से कहा गया है कि कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज किया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला वास्तव में एक संगठित गिरोह से जुड़ा है या फिर यह एक अकेली घटना है.

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