राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भीषण गर्मी के बीच पिता की कार में बंद रहने से तीन साल के मासूम की मौत हो गई. यह घटना बुधवार की है, जब परिवार में मांगलिक कार्यक्रम चल रहा था और इसी दौरान यह हादसा हो गया. मृतक बच्चे की पहचान हितार्थ जांगिड़ के रूप में हुई है, जो पंचोलियों का बास निवासी विष्णु जांगिड़ का पुत्र था. परिवार के घर में छोटे भाई का मुंडन संस्कार और अन्य धार्मिक आयोजन चल रहे थे. इसी बीच खेलते-खेलते हितार्थ घर से करीब 300 मीटर दूर खड़ी अपने पिता की कार तक पहुंच गया.
जानकारी के अनुसार, सामान लाने-ले जाने के दौरान कार का गेट खुला रह गया था. इसी दौरान बच्चा कार में घुस गया और कुछ समय बाद कार अंदर से लॉक हो गई. आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी. दूसरी ओर घर में परिजन कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त थे.
भीषण गर्मी के कारण कार के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ गया. कार एक तरह से भट्टी बन गई और अंदर बंद बच्चा धीरे-धीरे अचेत हो गया. काफी देर तक जब हितार्थ दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया. दोपहर करीब 1 बजे उनकी नजर कार पर पड़ी, जिसमें बच्चा सीट पर अचेत अवस्था में मिला.
300 मीटर दूर खड़ी कार में मिला अचेत, अस्पताल में मौत
परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर दिया, लेकिन उसकी चेतना वापस नहीं आई. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिलाड़ा थानाधिकारी जगविंदर सिंह ने बताया कि बच्चे की मौत दम घुटने के कारण हुई है. परिजनों की ओर से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई और पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बताया गया कि बच्चे के पिता विष्णु जांगिड़ बेंगलुरु में काम करते हैं और कुछ दिन पहले ही परिवार के साथ इस कार्यक्रम के लिए घर आए थे. घर में एक साथ कई आयोजन होने के कारण सभी लोग व्यस्त थे और इसी दौरान यह दुखद हादसा हो गया.
धूप में खड़ी कार का तापमान अंदर से बढ़ा
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ विकास राजपुरोहित के अनुसार, धूप में खड़ी कार के अंदर तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है. कांच के कारण गर्मी अंदर ही फंस जाती है, जिससे कार ओवन की तरह बन जाती है. ऐसे में अंदर बंद व्यक्ति को हीटस्ट्रोक, घुटन और तापघात का खतरा होता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है. यह घटना एक बार फिर सावधानी की जरूरत को दिखाती है कि गर्मी के मौसम में बंद वाहन कितने खतरनाक हो सकते हैं, खासकर बच्चों के लिए.
अशोक शर्मा