राजस्थान में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा खेल उजागर हुआ है. तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती 2022 में खिलाड़ी कोटे से नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट का बड़ा घोटाला सामने आया है. इस मामले में SOG ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसके बाद हड़कंप मचा हुआ है.
दरअसल सरकारी नौकरी पाने के लिए कुछ अभ्यर्थियों ने खेल उपलब्धियों का सहारा नहीं बल्कि जालसाजी का रास्ता चुना. तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती 2022 में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे के तहत चयन पाने के लिए ताइक्वांडो के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए और उन्हें सही साबित करने के लिए फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भी भेजी गई. जैसे ही इस पूरे खेल की भनक एसओजी को लगी, जांच शुरू की गई. इसके बाद 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा के एक ठिकाने पर एक साथ ताबड़तोड़ रेड की गई. इस कार्रवाई में 19 अभ्यर्थियों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
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स्पेलिंग की गलती से पकड़ाया फर्जीवाड़ा
जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल फोन से ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला. इसमें 39 अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण पत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजने का दावा किया गया था. लेकिन यहीं से फर्जीवाड़े की पोल खुल गई. ईमेल में “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत लिखी हुई थी, जिससे अधिकारियों को शक हुआ कि मामला संदिग्ध है.
इसके बाद SOG ने जीमेल और ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया से जानकारी जुटाई. जांच में सामने आया कि संदिग्ध ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और इसका इस्तेमाल वैमलेंदू कुमार झा नाम का व्यक्ति कर रहा था. जबकि फेडरेशन की आधिकारिक सूची में उसका नाम कहीं दर्ज नहीं था.
इसके बाद SOG ने कार्रवाई करते हुए वैमलेंदू कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में खुलासा होने के बाद उसके सहयोगी रवि शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी ईमेल बनाने में इस्तेमाल की गई सिम और अन्य डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं. जांच में सामने आया कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने खिलाड़ी कोटे से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया को ईमेल भेजा था.
आने वाले समय में हो सकती हैं और भी गिरफ्तारियां
इसी प्रक्रिया की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों ने फेडरेशन से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बना ली और उसी के जरिए शिक्षा विभाग को नकली सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट भेज दी. ताकि फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों को भी नौकरी मिल सके. फिलहाल राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
विशाल शर्मा