'इजराइल में 12वीं के बाद 3 साल की मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य, 7 मिनट में जवाबी हमला कर लौट आते हैं', राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बोले

स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति के लिए अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य है.

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राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बोले- अग्निवीर का विरोध राष्ट्रनिष्ठा नहीं.(Photo:ITG) राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बोले- अग्निवीर का विरोध राष्ट्रनिष्ठा नहीं.(Photo:ITG)

चेतन गुर्जर

  • कोटा ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

Rajasthan News: कोटा में भारत विकास परिषद कोटा महानगर की ओर से स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर सेवा संगम समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े रहे. समारोह में सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 31 संस्थाओं को सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में देशभक्ति, राष्ट्रनिष्ठा और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से विचार रखे. उन्होंने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि इजराइली समाज की राष्ट्रभक्ति पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है.

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राज्यपाल ने कहा कि इजराइल का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है. करीब दो हजार साल तक यहूदी समुदाय भटकता रहा, उनके पास न जमीन थी और न ही कोई राष्ट्र. भारत की आजादी के एक साल बाद इजराइल स्वतंत्र हुआ, लेकिन आज वहां राष्ट्र के प्रति समर्पण और अनुशासन अत्यंत मजबूत है.

उन्होंने बताया कि इजराइल में 12वीं के बाद सभी युवकों को 3 साल की अनिवार्य सैन्य ट्रेनिंग लेनी होती है, जबकि युवतियों के लिए भी ढाई साल की सैन्य सेवा जरूरी है. बिना ट्रेनिंग के वहां आगे पढ़ाई या करियर की अनुमति नहीं मिलती. इसी अनुशासन के कारण इजराइल अपने चारों ओर शत्रु देशों से घिरा होने के बावजूद कभी पीछे नहीं हटता. जरूरत पड़ने पर 7 मिनट में हमला कर वापस लौट आता है.

अग्निवीर का विरोध राष्ट्रनिष्ठा नहीं

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राज्यपाल ने कहा कि भारत में जब अग्निवीर योजना लाई गई तो उसका भी विरोध हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. अग्निवीर सेना से जुड़ी योजना है, जिसे गहन अध्ययन और सुझावों के बाद लागू किया गया. उन्होंने कहा कि यदि हर गांव से 10-15 अग्निवीर निकलते हैं तो गांवों में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना बढ़ेगी.

राज्यपाल ने कहा कि 4 साल की सेवा के बाद युवाओं को लगभग 20 लाख रुपए मिलते हैं, जिससे वे सेना, पुलिस, अन्य नौकरियों या खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. इसके बावजूद योजना का विरोध किया गया, जो देशभक्ति का प्रतीक नहीं कहा जा सकता.

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक

राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आत्मविश्वास, मानव सेवा, चरित्र निर्माण, साहस, करुणा, एकाग्रता, निडरता और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्यों को जीवन का आधार बताया. विवेकानंद सभी धर्मों के सम्मान और सकारात्मक सोच के प्रबल समर्थक थे.

बागड़े ने एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब स्वामी विवेकानंद तांगे से स्कूल जाया करते थे और मां ने उनसे पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं, तो उन्होंने तांगेवाला बनने की इच्छा जताई. तब उनकी मां ने श्रीकृष्ण का चित्र दिखाया, जिसमें वे अर्जुन के रथ के सारथी हैं, और कहा- ऐसा बनो, जो मार्गदर्शन करे.

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राज्यपाल ने बताया कि 1897 में बेंगलुरु में दिए गए अपने भाषण में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 50 साल भारत माता की सेवा करो. इसके ठीक 50 साल बाद 1947 में देश स्वतंत्र हुआ, जो उनकी दूरदृष्टि को दर्शाता है.

गुलामी के कारण और इतिहास की पीड़ा का जिक्र

राज्यपाल ने कहा कि 1835 में मैकाले ने कहा था कि भारत को लंबे समय तक गुलाम रखना है तो उसकी शिक्षा व्यवस्था बदल दो और लोगों को भूखा रखो. उन्होंने याद दिलाया कि कभी भारत सोने की चिड़िया था, जहां मंदिरों में धन नहीं बल्कि सो या जाता था.उन्होंने 1922 में अहमदाबाद में महात्मा गांधी के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि अंग्रेजों ने भारत को लूटा, उद्योग-धंधे खत्म कर दिए, जिससे लोग भूखमरी की कगार पर पहुंच गए.

कट्टरता को बताया मानवता का दुश्मन

राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि कट्टरता, सांप्रदायिकता और हठधर्मिता ने मानव सभ्यता को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है. इन्हीं कारणों से सभ्यताएं नष्ट हुईं और धरती खून से लाल होती रही. उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि 1303 में अलाउद्दीन खिलजी और 1568 में अकबर द्वारा चित्तौड़ में हजारों लोगों का कत्लेआम किया गया. राजस्थान और मेवाड़ ने अपार त्याग और बलिदान देकर आक्रांताओं को आगे बढ़ने से रोका.

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आज भी मौजूद हैं राक्षसी प्रवृत्तियां

राज्यपाल ने कहा कि आज भी दुनिया में राक्षसी प्रवृत्तियां मौजूद हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां हत्याएं, आगजनी और हिंसा हो रही है. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर केवल चिंता नहीं, बल्कि समाधान पर भी चर्चा जरूरी है.

PM मोदी की तारीफ

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. देश आत्मनिर्भर बन रहा है और विदेशों में भी यह संदेश जा रहा है कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालांकि कुछ लोगों को अब भी देश का विकास दिखाई नहीं देता.

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