राजस्थान के पाली जिले में परशुराम माहदेव मंदिर की पहाड़ी पर विदेशी बुजुर्ग पर्यटक पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं. ये पर्यटक रास्ते पर पड़े प्लास्टिक और अन्य कचरे को इकट्ठा कर सुरक्षित तरीके से अपने साथ ले गए, ताकि इसे सही तरीके से निपटाया जा सके.
दरअसल, पाली के परशुराम माहदेव मंदिर की पहाड़ी पर कुछ विदेशी पर्यटकों का दल आया, जिनमें अधिकांश बुजुर्ग थे. उन्होंने कच्ची पहाड़ी पर चढ़ाई की और देखा कि सड़क पर प्लास्टिक की थैलियां, कचरा और सिगरेट के बचे अवशेष पड़े हैं.
पर्यटकों ने देखा कि स्थानीय लोग अक्सर कचरा सड़क और प्रकृति की गोद में फेंक देते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है. इस स्थिति को देखकर उन्होंने खुद पहल करते हुए सड़क पर पड़े प्लास्टिक और अन्य कचरे को इकट्ठा करना शुरू किया.
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वे प्लास्टिक और सिगरेट के अवशेषों को एक कपड़े की लाल थैली में सुरक्षित रूप से इकट्ठा करते नजर आए. इसके बाद उन्होंने इस कचरे को अपने वाहन में रखकर उचित निपटान के लिए ले गए. इस तरह उन्होंने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा हर व्यक्ति का कर्तव्य है.
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस कदम की सराहना की है. यह पहल पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत की दिशा में एक प्रेरणादायक है.
पर्यटकों ने पर्यावरण जागरूकता फैलाई. लोगों को भी अपने कृत्यों पर सोचने को मजबूर कर दिया. पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे छोटे-छोटे कदम समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और स्वच्छ भारत के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं. इस दौरान लोगों ने पर्यटकों को प्लास्टिक और कचरा इकट्ठा करते और सुरक्षित वाहन में ले जाते हुए अपने कैमरे में कैद किया.
भारत भूषण जोशी