लोन, निवेश और 200 लोगों से ठगी... 12.69 करोड़ की घोटाले का आरोपी 6 साल बाद गिरफ्तार

धौलपुर पुलिस ने 12.69 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में 6 साल से फरार 43 हजार रुपये के इनामी आरोपी अमित गौतम को दिल्ली के लाजपत नगर से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने फर्जी कंपनियां बनाकर करीब 200 लोगों को निवेश के नाम पर ठगा. उसके खिलाफ जयपुर, उदयपुर और धौलपुर में करीब 20 मामले दर्ज हैं.

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आरोपी 43 हजार रुपये का इनामी था.(Photo: Umesh Mishra/ITG) आरोपी 43 हजार रुपये का इनामी था.(Photo: Umesh Mishra/ITG)

उमेश मिश्रा

  • धौलपुर,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

राजस्थान की धौलपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 12 करोड़ 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छह साल से फरार चल रहे 43 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमित गौतम को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर भरतपुर रेंज की ओर से 40 हजार और जयपुर पश्चिम पुलिस की ओर से 3 हजार रुपये का इनाम घोषित था. प्रवर्तन निदेशालय भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रहा था.

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धौलपुर एसपी विकास सांगवान ने बताया कि एडिशनल एसपी वैभव शर्मा के सुपरविजन में साइबर सेल और निहालगंज थाना पुलिस पिछले छह महीनों से आरोपी की तलाश में जुटी थी. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने उसे दिल्ली के लाजपत नगर इलाके से गिरफ्तार किया.

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पुलिस के अनुसार आरोपी अमित गौतम ने अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर करीब 200 लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाया था. वह खुद को बड़ा निवेशक बताकर कम समय में अधिक मुनाफा देने का झांसा देता था.

निवेश के नाम पर ठगी का जाल

जांच में सामने आया कि आरोपी भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में कुछ लोगों को पैसा लौटाता था, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ता था. इसके बाद वह बड़ी रकम निवेश करवाकर फरार हो जाता था. ठगी को अंजाम देने के लिए उसने कई फर्जी कंपनियां बना रखी थीं, जिनके जरिए लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया जाता था.

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एसपी सांगवान के बताया कि आरोपी लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर खुद को प्रभावशाली दिखाता था, ताकि लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाएं. इसी दिखावे के जरिए वह लोगों का भरोसा जीतकर बड़ी रकम हड़प लेता था.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के पास निवेश के लिए पैसे नहीं होते थे, उन्हें आरोपी बैंक से लोन दिलवाकर भी निवेश करवाता था.

हाईप्रोफाइल लोगों को बनाता था निशाना

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने उदयपुर से एम फार्मा की पढ़ाई की थी और मेडिकल क्षेत्र की जानकारी होने के कारण वह डॉक्टरों, इंजीनियरों और व्यापारियों को निशाना बनाता था. मेडिकल और फार्मेसी से जुड़ी जानकारी के कारण उसका लक्ष्य उच्च शिक्षित और हाईप्रोफाइल लोग रहते थे.

आरोपी लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन था और उसी छवि का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. उसके खिलाफ जयपुर, उदयपुर और धौलपुर में करीब 20 मामले दर्ज हैं. पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है.

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