दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें चलती कार अचानक आग का गोला बन गई. यह हादसा मौजपुर के चैनल नंबर 115/300 के पास हुआ. सीएनजी गैस लीकेज के कारण लगी आग में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी इलाज के दौरान जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई. इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है.
पुलिस के अनुसार, यह परिवार मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव का रहने वाला था और वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस लौट रहा था. परिवार ने यह गाड़ी किराए पर ली थी. जैसे ही कार अलवर के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में पहुंची, अचानक सीएनजी गैस का रिसाव शुरू हो गया और कुछ ही पलों में आग लग गई. आग इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह आग का गोला बन गई.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलती कार बनी आग का गोला
इस हादसे में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्ची की मौत हो गई. मृतकों की पहचान संतोष, उनकी पत्नी शशि, सास पार्वती, बेटी साक्षी और छोटी बाई के रूप में हुई है. चालक विनोद कुमार ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन वह भी 80 प्रतिशत तक झुलस गया था. उसे पहले पिनान अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार यह हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। गाड़ी सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चल रही थी. गैस रिसाव इतना तेज था कि आग लगते ही किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. बताया गया कि यात्री नींद में थे, जिससे वे समय पर बाहर नहीं निकल सके.
डीएनए टेस्ट और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए
हादसे के बाद मृतकों के परिजन अलवर पहुंचे. तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने शवों का पोस्टमार्टम किया और पहचान के लिए डीएनए सैंपल भी लिए गए, जिन्हें लैब भेजा गया है. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. एडिशनल एसपी प्रियंका श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं. पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.
हिमांशु शर्मा