राजस्थान में हनुमानगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां मुर्गों की लड़ाई पर दांव लगाते 10 जुआरियों को पकड़ा गया है. इनके पास से 43,200 रुपये और वाहन जब्त किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि ये अंतरराज्यीय जुआरियों का गैंग है. इनके पास से 43,200 कैश, 2 कारें और 2 बाइक जब्त की गई हैं. पुलिस ने घायल मुर्गों का इलाज, इसके बाद शेल्टर होम भेज दिया. इस गैंग के तार जोधपुर, सीकर और चेन्नई तक जुड़े हैं.
एसपी हरी शंकर के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस अभियान चला रही है. इसी के तहत भादरा पुलिस ने मुर्गों की लड़ाई करवाकर जुआ खेलते हुए 10 आरोपियों को पकड़ा है. एसपी ने बताया कि जिले में नशा तस्करी, अवैध हथियार, जुआ व सट्टे की रोकथाम के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे. इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी व सर्किल ऑफिसर संजीव कटेवा के सुपरविजन में थानाधिकारी हनुमानाराम विश्नोई के नेतृत्व में टीम गठित की गई.
सहायक उपनिरीक्षक अक्षय कुमार और टीम ने गश्त के दौरान दबिश देकर मोहम्मद जावेद, आसिफ राजावत, इरफान खां सहित कुल 10 लोगों को मुर्गों की फाइट पर सट्टा लगाते रंगे हाथों पकड़ लिया. पुलिस को देखकर आयोजनकर्ता बरकत निवासी भादरा मौके से फरार हो गया. उसकी तलाश जारी है. पुलिस ने लड़ाई में घायल हुए मुर्गों के उपचार के लिए तुरंत वेटनरी डॉक्टर और उनकी टीम को मौके पर बुलाया. प्राथमिक उपचार के बाद मुर्गों को उचित देखभाल के लिए सार्वजनिक संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है.
पकड़े गए आरोपी राजस्थान के विभिन्न जिलों और चेन्नई के रहने वाले हैं. इनमें मोहम्मद जावेद निवासी सीकर, आसिफ राजावत निवासी जोधपुर, इरफान खां निवासी चूरू, आमीर राजावत निवासी जोधपुर और मोहम्मद सैयद शामिल है, सैयद मूल निवासी चेन्नई का है, और फिलहाल जोधपुर में रह रहा था. इनके अलावा राशिद अब्दुल निवासी सीकर, नीरज सिंह, गुरुदास सिंह, राजेन्द्र सिंह व संदीप सिंह को भी अरेस्ट किया गया है. इस पूरे मामले की जांच थानाधिकारी हनुमानाराम विश्नोई द्वारा की जा रही है.
गुलाम नबी