शादी के बंधन में बंधे दो हत्यारे! जेल में हुआ था प्यार, पूरी फिल्मी है प्रिया और हनुमान की कहानी

राजस्थान के अलवर में बसंत पंचमी के दिन एक अनोखी शादी हुई, जहां जयपुर ओपन जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने विवाह किया. दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी. कोर्ट से 15 दिन की पैरोल मिलने के बाद परिवार की सहमति से अलवर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई.

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जेल में पनपा प्यार और अब शादी.(Photo: Himanshu Sharma/ITG) जेल में पनपा प्यार और अब शादी.(Photo: Himanshu Sharma/ITG)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

राजस्थान के अलवर में बसंत पंचमी के दिन हुई एक अनोखी शादी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. यह शादी किसी आम जोड़े की नहीं, बल्कि दो ऐसे लोगों की है, जो अलग-अलग हत्याकांडों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. जयपुर की ओपन जेल में बंद पाली निवासी प्रिया सेठ और अलवर जिले के बड़ौदामेव निवासी हनुमान चौधरी ने बसंत पंचमी के मौके पर शादी कर ली. दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी और वहीं से उनके रिश्ते की शुरुआत हुई.

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जेल में हुई मुलाकात, प्यार में बदली पहचान

प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी जयपुर की ओपन जेल में सजा काट रहे थे. जेल में रहते हुए दोनों की मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे बातचीत में बदली और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया. करीब छह महीने तक दोनों के बीच बातचीत और मिलने का सिलसिला चलता रहा. दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपना दुख साझा किया और साथ जीने-मरने का फैसला किया. पहले के रिश्तों में धोखा खाने के बाद दोनों ने एक-दूसरे में सहारा देखा.

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अदालत से पैरोल, परिवार की सहमति से शादी

शादी के लिए दोनों ने अदालत में 15 दिन की पैरोल की अर्जी लगाई. राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों की अर्जी स्वीकार कर ली. पैरोल मिलने के बाद परिवार की सहमति से अलवर के निर्वाणा पैलेस होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई. इस शादी में सिर्फ परिवार के सदस्य और कुछ करीबी लोग ही शामिल हुए.

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दो चर्चित हत्याकांड, फिर से चर्चा में आए नाम

इस शादी के बाद राजस्थान के दो बड़े और चर्चित हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. प्रिया सेठ जयपुर के दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी है, जबकि हनुमान चौधरी अक्टूबर 2017 में हुए अलवर के संतोष हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति और उसके चार बच्चों की बेरहमी से हत्या की गई थी. दोनों मामलों ने अपने समय में पूरे देश का ध्यान खींचा था.

दुष्यंत शर्मा हत्याकांड में प्रिया सेठ की भूमिका

प्रिया सेठ पर आरोप है कि उसने डेटिंग ऐप के जरिए दिल्ली के युवक दुष्यंत शर्मा को प्रेमजाल में फंसाया था. दुष्यंत ने खुद को एक अमीर कारोबारी बताया था. जांच में सामने आया कि प्रिया ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा और उसके साथी लक्ष्य वालिया के साथ मिलकर दुष्यंत का अपहरण किया. फिरौती लेने के बाद 2 मई 2018 को उसकी हत्या कर दी गई. शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया गया था. इस मामले में कोर्ट ने 24 नवंबर 2023 को प्रिया सेठ समेत तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

सोशल मीडिया के जरिए ठगी का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि प्रिया सेठ सोशल मीडिया के जरिए अमीर लोगों को फंसाती थी और उनसे पैसे ऐंठती थी. उसे महंगे कपड़े, परफ्यूम और हवाई यात्रा का शौक था. बताया गया कि उसका मासिक खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये तक था. वर्ष 2012-13 से ही वह अनैतिक गतिविधियों में लिप्त बताई गई थी.

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हनुमान चौधरी और संतोष हत्याकांड

हनुमान चौधरी का नाम भी एक जघन्य हत्याकांड से जुड़ा है. अक्टूबर 2017 में अलवर के शिवाजी पार्क इलाके में संतोष के कहने पर हनुमान ने अपने साथियों के साथ मिलकर संतोष के पति बनवारी और उसके चार बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. उस वक्त संतोष भी मौके पर मौजूद थी. बाद में पुलिस जांच में पूरा मामला सामने आया और हनुमान, संतोष व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आजीवन कारावास की सजा दी गई.

ओपन जेल में साथ आए करीब

हनुमान और प्रिया दोनों जयपुर की ओपन जेल में सजा काट रहे थे. यहीं दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए. जेल में रहते हुए ही दोनों ने शादी करने का फैसला लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पैरोल हासिल की.

गुपचुप तरीके से हुई शादी

इस शादी को पूरी तरह गुप्त रखा गया. परिवार के लोगों ने शुरुआत में जयपुर में शादी होने की बात कही, लेकिन असल में शादी अलवर के एक होटल में कराई गई. शादी में बुलाए गए लोगों को फोटो खींचने या किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई. शादी के बाद दुल्हन भी ससुराल नहीं पहुंची, जिससे यह पूरी शादी और ज्यादा चर्चा में आ गई.

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पूरे देश में चर्चा का विषय

दो आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की शादी ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. कानून, जेल व्यवस्था और पैरोल प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई है. बसंत पंचमी के दिन हुई यह अनोखी शादी अब सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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