Priya Seth Hanuman Prasad Love Story: राजस्थान की एक जेल के भीतर एक ऐसी कहानी आकार ले रही है, जिसने अपराध, प्रेम और कानून... तीनों को एक साथ कठघरे में खड़ा कर दिया है. दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी प्रिया सेठ और अलवर के बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड का दोषी हनुमान उर्फ जैकी, दोनों आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. उन्हीं जेल की सलाखों के पीछे उन दोनों की मुलाकात हुई. बातचीत आगे बढ़ी, भरोसा पनपा और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया. अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं.
दो जघन्य हत्याकांड, एक साझा अंजाम
प्रिया और हनुमान के अपराध अलग हैं, लेकिन दोनों की सजा एक- आजीवन कारावास. प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत शर्मा को फंसाकर उसका अपहरण किया, फिरौती वसूली और हत्या की साजिश रच डाली. वहीं हनुमान ने अपनी प्रेमिका संतोष के कहने पर उसके पति और चार बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. उस वक्त इन दोनों मामलों ने देशभर में गहरी सनसनी फैलाई थी.
खुली जेल का माहौल और नज़दीकियां
जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में दोनों को करीब एक साल पहले स्थानांतरित किया गया. ओपन जेल व्यवस्था के तहत कैदियों को दिन में बाहर काम करने और रात में लौटने की अनुमति होती है. इसी अपेक्षाकृत खुले माहौल में दोनों की मुलाकातें बढ़ीं. दोस्ती ने रिश्ते का रूप लिया और फिर साथ जीने-मरने का फैसला हुआ.
पैरोल की कानूनी राह
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों की अर्ज़ियों पर विचार किया. अधिवक्ता विश्राम प्रजापत की पैरवी के बाद प्रिया सेठ और हनुमान को 15 दिन की पैरोल मंजूर की गई. आदेश के मुताबिक, पैरोल की अवधि में नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है.
शादी की तारीख और तैयारियां
23 जनवरी को दोनों की शादी तय की गई. समारोह हनुमान के पैतृक कस्बे बड़ौदामेव में रखा गया है. जयपुर से बारात रवाना हुई, घरों में रस्में शुरू हुईं. लेकिन इस शादी को लेकर उत्साह से अधिक जिज्ञासा और विवाद देखने को मिल रहा है.
सोशल मीडिया से अपराध तक
31 वर्षीय प्रिया सेठ का नाम ‘टिंडर सूटकेस मर्डर’ से जुड़ा रहा है. जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क बढ़ाती थी. महंगे कपड़े, परफ्यूम और हवाई सफर उसका शौक था. पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह वर्षों से अनैतिक गतिविधियों में लिप्त थी.
दुष्यंत शर्मा: प्रेमजाल से मौत तक
28 वर्षीय दुष्यंत शर्मा को प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए फंसाया था. खुद को अमीर कारोबारी बताने वाले दुष्यंत के साथ उसकी नज़दीकियां बढ़ीं. प्रिया ने अपने पूर्व प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज चुकाने के लिए अपहरण और फिरौती की योजना बनाई.
अपहरण और फिरौती की साजिश
2 मई 2018 को दुष्यंत का अपहरण किया गया. परिवार से 10 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन वे केवल 3 लाख रुपये जुटा सके. आरोप है कि प्रिया ने दुष्यंत के डेबिट कार्ड से भी पैसे निकाले थे.
हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश
चार्जशीट के मुताबिक, फिरौती मिलने के बावजूद दुष्यंत को जिंदा नहीं छोड़ा गया. चाकू से हमला कर और तकिए से दम घोंटकर उसकी हत्या की गई. शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में ले जाया गया, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर वार किए गए.
गिरफ्तारी और सजा
3 मई की रात आमेर थाना इलाके में दुष्यंत की लाश मिली. 4 मई को प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया गिरफ्तार किए गए. लंबी सुनवाई के बाद 24 नवंबर 2023 को अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई.
हनुमान प्रसाद का अपराध
अलवर के बड़ौदामेव निवासी हनुमान प्रसाद ने अक्टूबर 2017 में शिवाजी पार्क इलाके में अपनी प्रेमिका संतोष के पति बनवारी और चार बच्चों की निर्मम हत्या को अंजाम दिया था. वारदात के वक्त संतोष मौके पर ही मौजूद थी.
जांच में खुला षड्यंत्र
संतोष ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी. लेकिन जांच में पूरा षड्यंत्र सामने आ गया. हनुमान, संतोष और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
जेल में पनपा रिश्ता
सांगानेर ओपन जेल में सजा काटते हुए प्रिया और हनुमान करीब आए थे. बताया गया कि दोनों कुछ समय तक लिव-इन रिश्ते में भी रहे. जेल के भीतर यह रिश्ता चर्चा का विषय बन गया था.
पैरोल पर विवाद
पैरोल मिलने के बाद दुष्यंत शर्मा के परिवार ने आपत्ति जताई. परिवार के वकील ने हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती देने की बात कही. उनका कहना है कि दोषी की पैरोल के बारे में पीड़ित पक्ष को सूचित नहीं किया गया.
प्रशासन का पक्ष
जेल प्रशासन का कहना है कि पैरोल नियमों के अनुसार दी गई है. राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैंप रूल्स, 1972 के तहत सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं हैं. अधिकारियों ने नियमों के पालन पर ज़ोर दिया है.
समाज में बहस
इस शादी ने समाज में गहरी बहस छेड़ दी है. क्या अपराधी भी प्रेम और विवाह के हकदार हैं? या पीड़ितों के जख्मों पर यह एक और चोट है? सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं.
‘नेटफ्लिक्स ड्रामा’ जैसी कहानी
खून से सना अतीत, जेल में पनपा प्यार और अब शादी. यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर सीरीज से कम नहीं है. यही वजह है कि लोग इसे रियल लाइफ नेटफ्लिक्स ड्रामा कह रहे हैं.
आगे क्या?
पैरोल खत्म होने के बाद दोनों कातिलों को फिर जेल में लौटना होगा. शादी के बाद उनकी जिंदगी फिर सलाखों के पीछे ही कटेगी. लेकिन यह कहानी आने वाले समय में भी चर्चा में बनी रहेगी.
हिमांशु शर्मा