पंजाब के गुरदासपुर में 19 वर्षीय रणजीत सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. परिवार का आरोप है कि यह फर्जी एनकाउंटर था और उन्होंने न्यायिक जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वे बताते हैं कि रणजीत को उसके घर से जबरन उठा लिया गया और पहले सीसीटीवी कैमरे भी हटा दिए गए थे. पुलिस ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि रणजीत दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी था और इस वारदात को आईएसआई के इशारे पर अंजाम दिया गया.