आज 'रणभूमि' में बात उस खतरे की जिसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं. क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़े हैं? क्या हॉर्मुज की लहरें अब बारूद से दहकने वाली हैं? ये सवाल इसलिए, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में इस वक्त 'महायुद्ध' का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. एक तरफ अमेरिका के विध्वंसक युद्धपोत हैं, तो दूसरी तरफ ईरान की IRGC नेवी, जो रेडियो पर सीधी चेतावनी दे रही है- '30 मिनट में टारगेट कर देंगे'. लेकिन खेल सिर्फ अमेरिका और ईरान का नहीं है. इस पूरी बिसात के पीछे असली निशाना है- चीन. ट्रंप ने हॉर्मुज की घेराबंदी कर चीन की 'एनर्जी लाइफलाइन' पर हाथ डाल दिया है. ईरान का तेल रुकने का मतलब है चीन की अर्थव्यवस्था का ब्लैकआउट! और इधर व्लादिमीर पुतिन की एंट्री ने साफ कर दिया है कि मामला अब हाथ से निकल चुका है. क्या चीन अपने तेल के लिए अमेरिका से सीधे टकराएगा? क्या ट्रंप की 'Loaded and Locked' वाली धमकी दुनिया को जलाकर राख कर देगी?