ईरान युद्ध के चलते भारत में पैदा हुए ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने संसद में सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. इस 25 मिनट के भाषण में उन्होनें कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए और बातचीत से ही समस्या का समाधान है. इसी के साथ उन्होनें ये भी कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं है.