अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के 18वें दिन जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है. तेहरान के एक सेफ हाउस पर हुए घातक हमले में ईरान के सबसे बड़े रणनीतिकार और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के मारे जाने की खबर है. वो लारीजानी, जिन्होंने खौफनाक प्रॉक्सी नेटवर्क को खड़ा किया, वो लारीजानी जिन्होंने हिज्बुल्लाह से लेकर हूतियों तक को पाल-पोसकर खड़ा किया. कभी डोनाल्ड ट्रंप को कूटनीति की मेज पर अपनी उंगलियों पर नचाने वाले लारीजानी की मौत का दावा सही है, तो इसने ना सिर्फ ट्रंप की बरसों पुरानी हसरत को पूरा कर दिया है, बल्कि ईरान के लिए खामेनेई की मौत के बाद ये सबसे बड़ा झटका है.