सियासत में रिश्ते स्थायी नहीं होते...वक्त बदलता है तो वफादारियां भी करवट लेती हैं. दिल्ली में आज वही हो रहा है...जहां कभी भरोसा था, वहां अब सवाल खड़े हैं. सवाल उठाए हैं राघव चड्ढा के साथ 7 राज्यसभा सांसदों ने जिन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के जरिए 2012 में आम आदमी पार्टी का गठन हुआ. इसके बाद इसके साथ लोग जुड़े और जुदा हुए. कई आए और गए. लेकिन कल जो झटका लगा है वो राजनीतिक रूप से काफी गहरा है. बीजेपी ने राघव चड्ढा के साथ सातों सांसदों का गले लगाकर स्वागत किया है लेकिन आम आदमी पार्टी गुस्से से आगबबूला है.